Jalandhar Politics News: राजविंदर कौर थियाड़ा को हटाए जाने के बाद वायरल ऑडियो से सियासी भूचाल, विधायक रमन अरोड़ा को फंसाने के लगे आरोप

जालंधर: जिले की राजनीति में इन दिनों राजविंदर कौर थियाड़ा को कैंट हलके के इंचार्ज पद से हटाए जाने के बाद से लगातार नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, जिससे सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है. इसी बीच, पार्टी से जुड़ी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भारी हलचल मच गई है. इस वायरल रिकॉर्डिंग को लेकर किए जा रहे विभिन्न दावों ने जालंधर सेंट्रल की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है. इस कथित ऑडियो में एक ‘आप’ नेता के हवाले से यह कहा जा रहा है कि स्थानीय विधायक रमन अरोड़ा को एक झूठे मामले में साजिश के तहत फंसाया गया था.
📄 रमन अरोड़ा को फंसाने के लिए तैयार करवाया गया था शपथपत्र, वायरल ऑडियो में बड़े दावे
सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, इस कथित ऑडियो में राजविंदर कौर थियाड़ा की ओर से पार्टी के अंदरूनी घटनाक्रम को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर किए जाने की बात कही जा रही है. हलका इंचार्ज के पद से हटाए जाने के बाद पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर पार्टी की अंदरूनी कलह को फिर से केंद्र में ला दिया है. वायरल ऑडियो में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया जा रहा है कि विधायक रमन अरोड़ा को किसी मामले में कानूनी रूप से घेरने के लिए एक व्यक्ति का विशेष शपथपत्र (Affidavit) तैयार करवाया गया था और उसी के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. हालांकि, इन तमाम आरोपों की किसी भी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और न ही यह स्पष्ट है कि इसके पीछे असल में किसकी भूमिका थी.
🔄 विधायक रमन अरोड़ा ने आरोपों को बताया निराधार, स्थानीय राजनीति में तेज हुआ चर्चाओं का दौर
कथित ऑडियो सामने आने के बाद से जालंधर की स्थानीय राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इस मामले की सच्चाई क्या है और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही है. हालांकि, जब विधायक रमन अरोड़ा से इस संबंध में बात की गई, तो उनके हवाले से यह साफ कहा गया कि वे लंबे समय से यही बात दोहराते आ रहे हैं कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं. दूसरी ओर, कथित ऑडियो में जिन घटनाओं और व्यक्तियों का जिक्र है, उस पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण आना अभी बाकी है. इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहे पुराने मतभेदों और विवादों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है, और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस कथित रिकॉर्डिंग की सत्यता सामने आने के बाद आगे क्या राजनीतिक मोड़ आता है.





