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झारखण्ड

रांची पुलिस का ‘क्विक रिस्पॉन्स’ अवतार! हाई-टेक मॉनिटरिंग से अपराध पर लगाम; अब बच नहीं पाएंगे अपराधी

रांचीः राजधानी रांची में अक्सर आम लोगों की ऐसी शिकायत रहती है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस की टीम समय पर नहीं पहुंचती है. ऐसे में रांची पुलिस रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर करने के लिए रांची सीनियर एसपी राकेश रंजन ने पुलिस पेट्रोलिंग-मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करना शुरू कर दिया है. इसके पीछे एक ही मंशा है पब्लिक की सहायता या फिर क्राइम सीन पर पुलिस की टीम जल्द पहुंचे.

जीपीएस युक्त हुए नए वाहन

रांची सीनियर एसपी राकेश रंजन ने बताया कि राजधानी रांची में माइक और पीसीआर वाहनों के ट्रैकिंग सिस्टम को पूरी तरह से हाईटेक कर दिया गया है. सभी माइक और पीसीआर वाहनों में जीपीएस सॉफ्टवेयर को कंप्लीट करते हुए उनकी मॉनिटरिंग को शुरू किया गया है.

सीनियर एसपी ने बताया कि अब कंट्रोल रूम से ही शहर भर में कहां-कहां पीसीआर और माइक वहां गश्त कर रहे हैं इसकी जानकारी मिलते रहेगी. वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम से उनके वाहनों की निगरानी शुरू की गई, पूर्व से ही इसका ट्रायल चल रहा था अब यह नियमित हो चला है.

कैसे हो रही मॉनिटरिंग

जीपीएस सिस्टम एक्टिव होने के बाद रांची में गश्ती वाहनों की वर्तमान लोकेशन, मूवमेंट, गंतव्य दिशा और किसी स्थान तक पहुंचने में लगने वाले समय की सटीक जानकारी प्राप्त की जा रही है. ऐसे में अब गस्ती दल वाले किसी भी तरह का बहाना नहीं बना सकते हैं. एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर अब सीधी कार्रवाई होगी.

रियल टाइम मॉनिटरिंग

बता दें कि पहले सिर्फ कंट्रोल रूम के जरिए ही शहर में गश्त करने वाले वाहनों की मॉनिटरिंग की जाती थी लेकिन अब इसका पैटर्न बदला जा रहा है. सीनियर अफसर अपने मोबाइल के जरिए भी वाहनों का लोकेशन जान सकते हैं. वहीं सभी वाहनों की निगरानी सीधे कम्पोजिट कंट्रोल रूम से रियल-टाइम में की जा रही है. इससे पुलिस अधिकारियों को हर गतिविधि पर लगातार नजर रखने में मदद मिल रही है. यह पूरी कवायद आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए किया जा रहा है ताकि किसी भी घटना स्थल पर पुलिस बल की शीघ्र पहुंच सके.

सबसे ज्यादा वाहन रांची पुलिस के पास

झारखंड सरकार द्वारा पुलिस को दिए गए 600 से अधिक वाहनों के बीच रांची पुलिस को सबसे ज्यादा 88 फोर-व्हीलर वाहन आवंटित किए गए हैं. इनमें से 25 वाहनों को पीसीआर पेट्रोलिंग में तैनात किया गया है ताकि शहर में पुलिस की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित हो सके. अब हर संवेदनशील और महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर पीसीआर वैन नजर आ ही है जो जीपीएस से लैस है, सभी को क्वीक रिस्पॉन्स टीम के रूप में एक्टिव किया जा रहा है.

बेहतर होगा डायल 112 का रिस्पॉन्स टाइम

राजधानी रांची को काफी सारे बेहतर चार पहिया वाहन प्रदान किए गए हैं, इसके अलावा बाइक भी उपलब्ध करवाए गए हैं. अब गश्ती वाहनों की मॉनिटरिंग सिस्टम को भी दुरुस्त किया गया है. ऐसे में इमरजेंसी सेवा डायल 112 का रिस्पांस टाइम भी सुधारा जाएगा.

डायल 112 एक ऐसी इमरजेंसी सेवा है जिसके जरिए आपातकालीन स्थिति में लोग पुलिस की मदद पाते हैं. डायल 112 के द्वारा मिल रही लगातार मदद के वजह से केवल राजधानी रांची में ही 400 ज्यादा कॉल कंट्रोल रूम में आते हैं. वर्तमान समय में डायल 112 का रिस्पॉन्स समय 12 से लेकर 13 मिनट का है. इसे हर हाल में 10 मिनट करने का प्रयास किया जा रहा है.

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