ब्रेकिंग
Hyderabad-Jaipur Weekly Express: रेलवे का बड़ा तोहफा; अब साप्ताहिक चलेगी हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस, इन... Raja Raghuvanshi Murder Case: ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम के नेपाल भाग... Ujjain Mahakal Elephant Controversy: महाकाल के हाथी 'श्यामू' को लेकर विवाद; वन विभाग की टीम को नहीं ... CM Mohan Yadav Sagar Visit: 14 जून को केसली पहुंचेंगे सीएम मोहन यादव; देवरी और केसली के लिए हो सकती ... Anganwadi Nutrition Scam: आंगनवाड़ी के लड्डू प्रीमिक्स में निकला सांप का बच्चा; जानें बच्चों को कैसे... Morena News: चंबल का मान बढ़ा; पैरा आर्म रेसलर निरंजन गुर्जर ने नेशनल चैंपियनशिप में जीते दो गोल्ड मे... Chhindwara MP Visit: सांसद बंटी विवेक साहू ने टेकापार और मानेगांव में लगाई चौपाल; समस्याओं का मौके प... Ratlam News: जावरा की डेयरी में दूध में मिलाया जा रहा था प्रोटीन पाउडर; खाद्य विभाग ने मारा छापा, भा... Diesel Theft in Shahdol: शहडोल में रेलवे की बड़ी लापरवाही; बुढार स्टेशन पर खड़े रेल इंजन से उड़ाया गया ... Jabalpur News: पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को फिर मिली जान से मारने की धमकी; गोरखपुर थाने में...
उत्तराखंड

Namo Bharat Train: दिल्ली-मेरठ के बाद अब ऋषिकेश की बारी, 3 घंटे में पूरा होगा सफर; जानें रूट और स्टेशन की पूरी जानकारी

दिल्ली-NCR और उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के बीच यात्रा जल्द ही काफी तेज हो सकती है. इसके लिए नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने की योजनाओं पर चर्चा चल रही है. इस प्रस्तावित विस्तार का मकसद मौजूदा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को और उत्तर की ओर बढ़ाना है, जिससे एनसीआर और प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आ सकता है. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह योजना लागू होती है, तो दिल्ली-NCR और गाजियाबाद से ऋषिकेश तक का यात्रा समय घटकर सिर्फ 2.25 से 3 घंटे रह सकता है. अभी, चालू नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली को मेरठ से जोड़ता है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो गया है. प्रस्तावित विस्तार मेरठ के मोदीपुरम से शुरू होगा और नेशनल हाईवे 58 के साथ-साथ चलेगा, जो हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचने से पहले कई प्रमुख कस्बों से होकर गुजरेगा.

इन इलाकों को जोड़ेगा नमो भारत

द ट्रिब्यून के अनुसार, केंद्र सरकार इस कदम पर विचार कर रही है और यह क्षेत्रीय परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ी छलांग साबित हो सकता है. इस विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पर्यटन, रियल एस्टेट और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. जिन मुख्य स्टेशनों का मूल्यांकन किया जा रहा है, वे हैं दौराला, सकौती, खतौली और पुरकाजी, जो उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा के करीब हैं. यह मार्ग रुड़की होते हुए अंत में हरिद्वार के ज्वालापुर और ऋषिकेश पर समाप्त होगा. अधिकारियों का मानना ​​है कि बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल यात्रा तेज होगी, बल्कि भीड़भाड़ वाले हाईवे का एक भरोसेमंद विकल्प भी मिलेगा, खासकर पर्यटन के पीक सीजन और धार्मिक आयोजनों के दौरान. यह कॉरिडोर कई महत्वपूर्ण कस्बों से होकर गुजरने की संभावना है, जिससे इन क्षेत्रों में पहुंच और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी.

धामी और खट्टर के बीच बात

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच हुई हाई लेवल चर्चाओं के बाद इस प्रस्ताव को गति मिली है, जिसमें रैपिड रेल नेटवर्क का विस्तार एक प्रमुख एजेंडा था. यह परियोजना यात्रा के तरीकों को फिर से परिभाषित कर सकती है, जिससे NCR के निवासियों के लिए वीकेंड ट्रिप और तीर्थयात्राएं अधिक सुविधाजनक हो जाएंगी. इससे हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे शहरों में हॉस्पिटैलिटी और आवास की मांग भी बढ़ सकती है. हालांकि, यह परियोजना अभी भी योजना के चरण में है, और काम शुरू होने से पहले डिटेल फिजिबिलिटी स्टडी, फंडिंग की मंजूरी और पर्यावरणीय मंजूरी की जरुरत होगी. यदि मंजूरी मिल जाती है, तो यह विस्तार भारत के हाई-स्पीड क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में एक अहम पड़ाव साबित होगा, जिससे हिमालय की तलहटियां दिल्ली-NCR से कुछ ही घंटों की दूरी पर आ जाएंगी.

Related Articles

Back to top button