Ujjain Mahakal Elephant Controversy: महाकाल के हाथी ‘श्यामू’ को लेकर विवाद; वन विभाग की टीम को नहीं ले जाने दिया गया हाथी

उज्जैन: उज्जैन के प्रसिद्ध बाबा महाकाल की शाही सवारी में वर्षों से सेवा दे रहे हाथी ‘श्यामू’ को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को वन विभाग की टीम और पशु चिकित्सकों का दल हाथी को अपने साथ ले जाने के लिए पहुँचा, लेकिन हाथी के मालिक सरमन गिरी और उनके परिवार ने इसका कड़ा विरोध करते हुए टीम को खाली हाथ लौटा दिया।
🩺 पशु चिकित्सकों का दावा: बीमार है श्यामू
वन विभाग की ओर से पहुँची टीम का तर्क है कि 28 वर्षीय श्यामू हाथी लंबे समय से बीमार है। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश जैन के अनुसार, हाथी के पैरों में सूजन है और वे टेढ़े हो रहे हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते बेहतर उपचार नहीं मिला, तो हाथी की जान को खतरा हो सकता है। विरोध के चलते फिलहाल टीम ने हाथी के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए जबलपुर भेजा जाएगा।
🚫 मालिक का आरोप: ‘षड्यंत्र के तहत छीना जा रहा हाथी’
हाथी के मालिक सरमन गिरी ने वन विभाग के दावों को पूरी तरह नकार दिया है। उनका कहना है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है और यह उसे जबरन ले जाने की साजिश है। सरमन गिरी ने बताया, “रामू हाथी के बाद 2016 से श्यामू महाकाल बाबा की सेवा में लगा है। बिना किसी नोटिस या आदेश के इसे ले जाने का प्रयास करना गलत है। यह हमारे परिवार के साथ षड्यंत्र किया जा रहा है।”
🪔 आस्था का प्रश्न या प्रशासनिक लापरवाही?
यह विवाद केवल एक हाथी का नहीं, बल्कि भक्तों की आस्था का भी है। मालिक का कहना है कि उन्होंने इसे बाबा महाकाल की सवारी के लिए पाला है। वहीं, प्रशासन और वन विभाग इसे पशु क्रूरता निवारण और स्वास्थ्य के चश्मे से देख रहे हैं। अब सबकी नजरें जबलपुर लैब से आने वाली मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि हाथी का भविष्य क्या होगा।






