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झारखण्ड

Latehar News: लातेहार में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, ग्रामीणों ने कहा- ‘हाथ लगाते ही रेत की तरह बिखर रही है सड़क’

लातेहार: गांव का विकास तभी संभव हो पाएगा, जब वहां अच्छी सड़क पहुंच पाए. सरकार इसे लेकर लगातार प्रयास भी कर रही है, लेकिन संवेदक की लापरवाही और मनमानी के कारण ग्रामीण सड़क निर्माण का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है. ऐसा ही एक मामला लातेहार जिले के मनिका प्रखंड में देखा जा सकता है. यहां जान्हों से लेकर सधवाडीह तक बन रहे सड़क की गुणवत्ता पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जो पक्की सड़क बन रही है, उसकी गुणवत्ता इतनी निम्न है कि वह रेत की तरह बिखर जा रही है.

दरअसल, लातेहार जिले के मनिका प्रखंड अंतर्गत जान्हों से लेकर सधवाडीह तक ग्रामीण सड़क निर्माण कार्य आरंभ है. इस सड़क की स्वीकृति 4 साल पहले ही हुई थी. लेकिन किसी न किसी कारण से सड़क का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था. इस वर्ष विभागीय दबाव के बाद संवेदक के द्वारा सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया. लेकिन ग्रामीण का आरोप है कि सड़क की गुणवत्ता अत्यंत निम्न है.

पंचायत के मुखिया बहादुर उरांव, ग्रामीण अरुण कुमार ठाकुर आदि लोगों ने आरोप लगाया कि पक्की सड़क होने के बावजूद इसकी गुणवत्ता काफी निम्न है. पक्की सड़क में जो कालीकरण की गई है, वह रेत की तरह बिखर जा रही है. यदि सड़क की स्थिति यही रही तो बरसात के बाद सड़क का नामोनिशान नहीं बचेगा. मुखिया समेत अन्य ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया कि इस मामले में त्वरित संज्ञान ले और सड़क की गुणवत्ता में सुधार करवाए ताकि जिस उद्देश्य से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है ,उसका लाभ आम लोगों को मिल सके.

सड़क की गुणवत्ता पर लोगों में आक्रोश

इधर, सड़क की गुणवत्ता को लेकर आम लोगों में भी भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से यह सड़क अधूरी पड़ी हुई थी. अब जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो इसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगी है. ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कई वर्षों के इंतजार के बाद जब सड़क बनाई जा रही है तो कम से कम इसकी गुणवत्ता ऐसी रहे, ताकि कुछ दिनों तक सड़क चलने लायक बची रहे.

जेई को दिया गया जांच का आदेश

इधर, इस संबंध में पूछने पर ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता ओमप्रकाश बड़ाइक ने बताया कि ग्रामीण सड़क की स्वीकृति 4 वर्ष पहले ही मिली थी. उन्होंने कहा कि कालीकरण का थिकनेस 40 मिमी रखना है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत के आलोक में जूनियर इंजीनियर को मामले की जांच का निर्देश दिया गया है. सड़क का निर्माण प्रावधान और प्राक्कलन के अनुरूप ही कराया जाएगा.

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