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मध्यप्रदेश

सिस्टम की बड़ी लापरवाही! मौत के बाद भी शिक्षक की लगा दी ड्यूटी, जनगणना ट्रेनिंग लिस्ट में मृत शिक्षक का नाम देख मचा हड़कंप

बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में पाटी तहसील में जनगणना प्रशिक्षण को लेकर प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे विभागीय तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं. तहसील कार्यालय द्वारा जारी ड्यूटी सूची में ऐसे शिक्षक का नाम शामिल कर दिया गया, जिनका निधन करीब दो सप्ताह पहले ही हो चुका था. यह चौंकाने वाला मामला प्रशिक्षण के दौरान सामने आया, जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तत्काल सूची संशोधन की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी.

जनगणना प्रशिक्षण कर्मचारियों में मृत शिक्षक शामिल

जानकारी के अनुसार, पाटी तहसीलदार बबली बरड़े द्वारा शिक्षा विभाग के कुल 32 कर्मचारियों को जनगणना प्रशिक्षण हेतु आदेशित किया गया था. यह प्रशिक्षण 27 से 29 अप्रैल तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है. लेकिन जब जारी सूची की जांच की गई, तो क्रमांक 23 पर प्राथमिक विद्यालय रावतलिया फलियां चाकलया में पदस्थ शिक्षक संतोष मालवीय का नाम दर्ज पाया गया, जबकि उनका 13 अप्रैल को ही निधन हो चुका था.

BARWANI DEAD EMPLOYEE ON DUTY

BARWANI DEAD EMPLOYEE ON DUTY

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह तथ्य सामने आते ही प्रशिक्षण स्थल पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में आश्चर्य और नाराजगी का माहौल बन गया. प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे कि आखिर किस तरह बिना सत्यापन के ड्यूटी सूची तैयार कर दी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई.

कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

इस प्रशिक्षण के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है, आरोप है कि सूची में शामिल 32 अन्य कर्मचारी भी अनुपस्थित पाए गए. इस पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

इस वजह से हुई गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार, यह पूरी गड़बड़ी पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ड्यूटी सूची तैयार किए जाने के कारण हुई है. मानव संसाधन पोर्टल पर संबंधित शिक्षक की मृत्यु की जानकारी समय पर अपडेट नहीं की गई थी, जिसके चलते उनका नाम सूची में बना रहा. यह लापरवाही न केवल तकनीकी खामी को उजागर करती है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है.

रिजर्व कर्मचारी को प्रशिक्षण में किया जाएगा शामिल

मामला उजागर होने के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बन गई. आनन-फानन में ड्यूटी सूची का पुन परीक्षण शुरू किया गया और मृतक शिक्षक का नाम हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. साथ ही, उनकी जगह रिजर्व में रखे गए कर्मचारी को प्रशिक्षण में शामिल करने का निर्णय लिया गया है.

भविष्य में ऐसी गलती नहीं होने की संभावना

तहसीलदार बबली बरड़े ने कहा, “मुझे शिक्षक के निधन की जानकारी नहीं थी और यह त्रुटि रिकॉर्ड अपडेट न होने के कारण हुई है. भविष्य में ऐसी गलती की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ड्यूटी जारी करने से पहले सभी कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड और मृत्यु पंजीयन का अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा.”

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है. सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि समय पर यह मामला सामने नहीं आता, तो क्या मृत व्यक्ति के नाम पर औपचारिकताएं पूरी कर दी जातीं. फिलहाल, प्रशासन सुधार के दावे कर रहा है, लेकिन यह घटना सिस्टम की लचर कार्यशैली का बड़ा उदाहरण बन गई है.

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