ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें
पंजाब

Punjab Health News: पंजाब में घुटने का मुफ्त ऑपरेशन; 65 साल की बुजुर्ग महिला को मिला नया जीवन

पंजाब के होशियारपुर जिले के दसूहा क्षेत्र में स्थित गांव पनवा की 65 वर्षीय केवल कौर के जीवन में 17 अप्रैल का दिन खुशियां लेकर आया. पिछले कई वर्षों से वह घुटनों के असहनीय दर्द से जूझ रही थी, जिसके कारण उसकी दुनिया केवल दर्द तक सीमित होकर रह गई थी. वह बिना सहारे के चल नहीं सकती थी और हर दिन संघर्ष जैसा लगता था. आज, केवल कौर फिर से अपने पैरों पर खड़े होने की ओर बढ़ रही है, वह भी बिना किसी आर्थिक बोझ के—जिसका श्रेय भगवंत मान सरकार की स्वास्थ्य पहल को जाता है.

‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत उनके घुटनों का ऑपरेशन ‘पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ जालंधर में सफलतापूर्वक किया गया. कभी परिवार को यह इलाज आर्थिक रूप से पहुंच से बाहर लगता था क्योंकि ऑपरेशन पर पहले लगभग 1.5 लाख रुपये का खर्च होता था, जो अब बिल्कुल मुफ्त किया गया.

मुश्किल समय को याद कर भावुक होते हैं

केवल कौर के बेटे मनदीप सिंह, जो किसान है, इन मुश्किल समय को याद करते हुए भावुक हो जाता है. लगभग पांच साल तक उसकी मां लगातार दर्द में रही. उन्होंने कई डॉक्टरों से सलाह की, दवाइयां लीं, लेकिन कोई स्थायी राहत नहीं मिली. आखिरकार हालत ऐसी हो गई कि बिना सहारे के एक कदम भी चलना मुश्किल हो गया. वह बताते हैं, “जब मेरी माता जी पूरी तरह से निर्भर हो गए, तब सर्जरी ही एकमात्र उम्मीद थी.”

मनदीप ने पहले अखबार में इस योजना के बारे में पढ़ा था और हेल्थ कार्ड बनवाया, जो उनके जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया. अस्पताल की प्रक्रियाओं के बाद 17 अप्रैल को डॉ. अनित सच्चर और उनकी टीम ने लगभग दो घंटे की प्रक्रिया में सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की.

अब रिकवरी शुरू हो चुकी है, और साथ ही आत्म-सम्मान तथा सुकून की वापसी भी. हालाँकि टाँके अभी लगे हुए हैं और जल्द ही काट दिए जाएँगे, लेकिन जो दर्द वर्षों से उनके जीवन का हिस्सा था, वह अब कम होने लगा है.

ऑपरेशन बिना एक पैसा खर्च के

भावुक होकर केवल कौर कहती हैं, “मुख्यमंत्री भगवंत मान मेरे लिए तीसरे बेटे के समान हैं. मेरा ऑपरेशन बिना एक पैसा खर्च किए हो गया. अब मैं किसी पर बोझ नहीं हूँ. जिंदगी अब आसान होगी.”

परिवार के लिए यह सिर्फ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि आत्म-सम्मान की वापसी थी. मनदीप बताते हैं कि भले ही उनके बच्चे विदेश में रहते हैं और आर्थिक मदद भी संभव थी, लेकिन इस योजना ने उन्हें आज़ादी और सम्मान दिया.

Related Articles

Back to top button