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Balen Shah vs India: बालेन शाह का भारत विरोधी रुख? नेपाल का पीएम बनते ही 45 दिनों में लिए ये कड़े फैसले

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह भारत के खिलाफ लगातार फैसला ले रहे हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद जहां बालेन ने पुराने लिपुलेख-कालापानी विवाद को नए सिरे से उठाया. वहीं अब उन्होंने भारत और नेपाल सीमा को लेकर एक नया सख्त नियम लागू करने की घोषणा की है. इसके तहत भारत से नेपाल जाने वाले भारतीयों को हर वक्त अपना पहचान पत्र रखना होगा. उन्हें जरूरी सुरक्षा जांच से भी गुजरना होगा. रविवार को तो यह खबर नेपाल से आई कि बालेन ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मिलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मिस्री की नेपाल यात्रा रद्द हो गई.

बालेन की पहचान पुराने भारत विरोधी राजनेता की रही है. 2022 में बालेन शाह ने ग्रेटर नेपाल का मैप साझा किया था. काठमांडू के मेयर रहते बालेन ने आदिपुरुष फिल्म को वहां के सिनेमाघरों में रिलीज नहीं होने दिया था. हालांकि, बालेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह माना जा रहा था कि भारत से उनके रिश्ते ठीक होंगे, लेकिन हालिया फैसलों ने इसको लेकर सस्पेंस गहरा दिया है.

बालेन ने लिए भारत विरोधी 4 बड़े फैसले

1. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मिलने से इनकार कर दिया. मिस्री इसी हफ्ते नेपाल जाने वाले थे. इस दौरे का मकसद नेपाल और भारत के विदेश नीति को मजबूत करना था, लेकिन शाह ने सिर्फ समकक्ष के साथ ही बैठक करने की बात कही, जिसके बाद मिस्री का दौरा रद्द हो गया. आधिकारिक तौर पर भारत ने इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है.

2. नेपाल के प्रधानमंत्री ने कालापानी और लिपुलेख के पुराने मसले को फिर से उठाया है. बालेन शाह ने मानसरोवर यात्रा को लेकर चीन की तरफ से जारी एडवाइजरी के संदर्भ में यह कहा कि नेपाल से इसको लेकर कोई सहमति नहीं है. नेपाल कालापानी के इलाकों पर अपना दावा करता रहा है. केपी ओली के समय में इसको लेकर मैप भी बदला गया था. भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस पर टिप्पणी की. विदेश मंत्रालय ने इसे जानबूझकर विवाद पैदा करने वाला कदम बताया.

3. भारत से नेपाल के तराई प्रांत में रहने वाले मधेश नागरिक जरूरत के सामान खरीदकर ले जाते थे. इससे उन पर महंगाई का ज्यादा असर नहीं होता था, लेकिन बालेन की सरकार ने एक नियम लागू कर दिया. इसके मुताबिक अगर भारत से 100 रुपए से ज्यादा का सामान ले जाया जाता है तो कस्टम वसूला जाएगा. इसके कारण बॉर्डर इलाके के नागरिक काफी ज्यादा परेशान हैं.

4. नेपाल सरकार ने एक और नियम लागू कर दिया है. पहले भारतीय सीमा के पास रहने वाले नागरिक आसानी से नेपाल जा सकते थे. अब उन्हें नेपाल जाने के लिए अपना पहचान पत्र रखना होगा. बिना जांच के भारतीय नागरिक नेपाल नहीं जा सकते हैं. भारत और नेपाल के बीच 1751 किलोमीटर की खुली सीमा है.

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