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दिल्ली/NCR

IBCA Summit Postponed: दिल्ली में होने वाला पहला इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन स्थगित; जानें क्या है वजह

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में आगामी एक और दो जून को आयोजित होने वाला पहला ऐतिहासिक ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ (IBCA) शिखर सम्मेलन अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है। विदेश और पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस वैश्विक महासम्मेलन के आयोजन के लिए नई तारीखों की घोषणा आने वाले दिनों में की जाएगी। गौरतलब है कि यह महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन ‘चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन’ (IAFS-IV) के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा था, क्योंकि कई प्रमुख अफ्रीकी देश बिल्ली प्रजाति के बड़े जानवरों (जैसे शेर, चीता, तेंदुआ) के संरक्षण, पारिस्थितिकी स्थिरता और वैश्विक जैव विविधता संरक्षण की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भारत के सबसे महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

🌍 अफ्रीकी संघ की सहमति के बाद लिया गया बड़ा फैसला: सभी देशों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लिया गया निर्णय

इस कूटनीतिक और पर्यावरणीय घटनाक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पूरी तरह से सोचे-समझे रणनीतिक स्तर पर लिया गया है। अफ्रीकी संघ (African Union) के वर्तमान अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के साथ उच्च स्तरीय परामर्श के बाद संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया गया, जिसमें सबसे पहले चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को कुछ समय के लिए आगे बढ़ाने (बाद में आयोजित करने) पर सहमति बनी। चूंकि दोनों आयोजन एक-दूसरे से जुड़े थे, इसलिए अफ्रीकी देशों सहित दुनिया भर के तमाम सदस्य देशों की व्यापक, सुरक्षित और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पहले आईबीसीए (IBCA) शिखर सम्मेलन को भी बाद की तारीखों के लिए री-शेड्यूल करने का फैसला किया गया। अधिकारी ने कहा कि शिखर सम्मेलन की नई तारीखों की घोषणा के बाद भाग लेने वाले सभी देशों के साथ दोबारा परामर्श किया जाएगा।

🐅 पीएम नरेंद्र मोदी ने मैसूर में की थी IBCA की शुरुआत: जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध

मंत्रालय के अधिकारियों ने भारत के वैश्विक रुख को दोहराते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास (Sustainable Development) के साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपने सभी अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) की महत्वाकांक्षी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अप्रैल, 2023 को कर्नाटक के मैसूर में ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के सफल 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान की थी। पीएम मोदी का विजन दुनिया की 7 प्रमुख बिग कैट प्रजातियों (बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा) को संरक्षण देना है।

🇸🇦 12 मार्च 2024 को औपचारिक रूप से स्थापित हुआ था गठबंधन: वर्तमान में 25 देश शामिल, जल्द ही सऊदी अरब भी थामेगा हाथ

पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों ने वैश्विक संगठन की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शुरुआती घोषणा के बाद इस एलायंस को आधिकारिक और औपचारिक रूप से 12 मार्च, 2024 को अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत स्थापित किया गया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान समय में आईबीसीए (IBCA) में दुनिया के 25 हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) देश और 5 प्रमुख पर्यवेक्षक (Observer) देश आधिकारिक तौर पर शामिल हो चुके हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए नीतियां बना रहे हैं। इसके साथ ही वैश्विक कूटनीति के लिहाज से एक और बड़ी खुशखबरी यह है कि पश्चिम एशिया का शक्तिशाली देश सऊदी अरब (Saudi Arabia) भी बहुत जल्द औपचारिक रूप से इस बड़े अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने वाला है, जिससे इस पर्यावरण संरक्षण मुहिम को भारी वित्तीय और रणनीतिक मजबूती मिलेगी।

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