Gwalior Consumer Court: कोरोना में कैंसिल हुई शादी, जीवाजी क्लब को अब उपभोक्ता को लौटाने होंगे ₹1.08 लाख; कोर्ट का बड़ा फैसला

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (Consumer Forum) ने कोरोना महामारी के दौर में निरस्त हुई एक शादी के मामले में उपभोक्ताओं के हित में एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। उपभोक्ता अदालत ने शहर के प्रतिष्ठित जीवाजी क्लब (Jiwaji Club) को आदेश दिया है कि वह पीड़ित उपभोक्ता को ₹1,08,000 की राशि तत्काल प्रभाव से वापस करे। आयोग ने अपने फैसले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि विपरीत परिस्थितियों में क्लब द्वारा उपभोक्ता की पूरी अग्रिम (एडवांस) राशि को जबरन रोक कर रखना सीधे तौर पर ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) और अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) के अंतर्गत आता है।
💒 बहन के विवाह के लिए कंपू के राकेश सिंह ने बुक कराया था गार्डन: सरकारी प्रतिबंधों के कारण निरस्त करना पड़ा था आयोजन
उपभोक्ता फोरम में चले इस कानूनी प्रकरण के मुख्य तथ्यों के अनुसार, ग्वालियर के कंपू क्षेत्र के रहने वाले राकेश सिंह राजपूत ने अपनी सगी बहन के विवाह समारोह के लिए 3 दिसंबर 2020 को जीवाजी क्लब का प्रसिद्ध ‘गार्डन नंबर-तीन’ आधिकारिक रूप से बुक कराया था। दोनों परिवारों की रजामंदी से विवाह समारोह की तिथि 7 मई 2021 तय की गई थी। इस बुकिंग को पक्का करने के लिए राकेश सिंह ने क्लब प्रबंधन के पास कुल ₹1,28,000 की अग्रिम राशि (Advance Amount) रसीद के साथ जमा की थी। लेकिन इसी दौरान देश और राज्य में कोरोना संक्रमण (Covid-19) की दूसरी घातक लहर फैल गई, जिसके चलते सरकार द्वारा वैवाहिक आयोजनों पर कड़े प्रतिबंध और गाइडलाइंस लागू कर दी गईं। इन अपरिहार्य सरकारी प्रतिबंधों के कारण तय तारीख पर विवाह का भव्य आयोजन करना कानूनी और व्यावहारिक रूप से पूरी तरह असंभव हो गया था, जिसके बाद उपभोक्ता ने फोरम की शरण ली।






