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हरियाणा

Rewari CM Flying Raid: रेवाड़ी में कपड़ा फैक्ट्रियों पर सीएम फ्लाइंग का छापा; बिना NOC बह रहा था केमिकल का जहरीला पानी

रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी जिले के अंतर्गत आने वाले कोसली क्षेत्र से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। यहाँ कपड़ा धोने और रंगने (डाइंग) का काम करने वाली दो बड़ी फैक्ट्रियों पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (CM Flying Squad) की टीम ने संबंधित स्थानीय विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से औचक छापेमारी की। सीएम फ्लाइंग की इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई के दौरान दोनों फैक्ट्रियों के भीतर बड़े पैमाने पर गंभीर अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन सामने आया है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

🧪 प्रदूषण नियंत्रण के कागजात गायब और बह रहा था केमिकल का जहरीला पानी: रेड के समय नहीं मिले वैध दस्तावेज

संयुक्त टीम द्वारा की गई गहन जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दोनों फैक्ट्रियों में संचालन के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC), हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) से जुड़े वैध दस्तावेजों और बिजली लोड संबंधी सरकारी रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियां और विसंगतियां मौजूद हैं। इसके अलावा, सबसे गंभीर मामला यह सामने आया कि फैक्ट्रियों से बिना ट्रीटमेंट के ही केमिकल युक्त जहरीला और दूषित पानी खुलेआम बाहर सार्वजनिक स्थानों पर बहाया जा रहा था। इस केमिकल युक्त पानी से न केवल भूमिगत जल दूषित हो रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण और गंभीर बीमारियां फैलने की आशंका जताई जा रही है। रेड के समय फैक्ट्री प्रबंधन, संचालक और मौके पर मौजूद कर्मचारी इन सब से जुड़े आवश्यक और वैध दस्तावेज अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके।

📋 संबंधित विभागों ने थमाया एक सप्ताह का अल्टीमेटम: संतोषजनक जवाब न मिलने पर सील होंगी फैक्ट्रियां, होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

मौके पर मौजूद दस्तावेज न मिलने और नियमों की धज्जियां उड़ते देख जांच में शामिल संबंधित विभागों के आला अधिकारियों ने तुरंत कड़ा रुख अख्तियार किया। दोनों फैक्ट्रियों के संचालकों को मौके पर ही आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस के माध्यम से फैक्ट्री प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर सभी वैध सरकारी रिकॉर्ड, बिजली बिल और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति की प्रतियों के साथ अपना स्पष्टीकरण विभाग के समक्ष अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।

प्रशासनिक अधिकारियों ने फैक्ट्री मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब और पुख्ता कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो दोनों फैक्ट्रियों को तुरंत सील कर दिया जाएगा और फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से कोसली और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से चल रहे अन्य फैक्ट्री संचालकों के बीच भी भारी डर और हड़कंप का माहौल बना हुआ है।

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