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Rajasthan Heatwave Alert: गर्मी के चलते राजस्थान सरकार का बड़ा फरमान; दोपहर में जानवरों से काम लेने पर लगी रोक

जयपुर: राजस्थान में आसमान से बरसती आग और भीषण लू के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने एक संवेदनशील निर्णय लिया है। सरकार ने किसानों और पशुपालकों के लिए नया आदेश जारी करते हुए दोपहर के समय पालतू जानवरों से काम लेने पर रोक लगा दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन के अनुसार, जिन इलाकों का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक है, वहां दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जानवरों से कोई भी काम नहीं लिया जा सकेगा।

📋 नए नियमों के दायरे में कौन-कौन से जानवर?

यह आदेश उन सभी जानवरों पर लागू होता है जो श्रम कार्य में उपयोग किए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • बोझा ढोने वाले: घोड़े, खच्चर और गधे (ईंट-भट्टों और माल ढुलाई में प्रयुक्त)।

  • खेती में प्रयुक्त: बैल और भैंसे (जुताई और बैलगाड़ी खींचने में प्रयुक्त)। तेज धूप और लू के कारण इन जानवरों में हीट-स्ट्रोक, निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और अत्यधिक थकावट जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा रहता है, जिससे कभी-कभी उनकी जान भी जा सकती है।

📋 जिला प्रशासन को सख्त निगरानी के निर्देश

सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (District Collectors) को इस फरमान का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश में पशुपालकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि:

  • जानवरों के लिए पर्याप्त छायादार स्थान की व्यवस्था हो।

  • उनके लिए ठंडे पानी और पौष्टिक चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

  • खुले में घूमने वाले पशुओं और पक्षियों के लिए भी जल स्रोतों का प्रबंध किया जाए।

यह कदम न केवल जानवरों को भीषण गर्मी से राहत देगा, बल्कि पशुपालकों की आजीविका के इन महत्वपूर्ण साधनों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में भी मदद करेगा। प्रशासन ने निगरानी के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित कर दिया है ताकि आदेशों का उल्लंघन न हो।

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