Jabalpur Bargi Dam Incident: बरगी बांध हादसे के बाद पुलिस की बड़ी लापरवाही; लाइफ जैकेट के बिना ही नर्मदा में उतरे अधिकारी

जबलपुर: बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे ने 13 लोगों की जान ले ली, लेकिन इस घटना के बाद भी सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही हैरान करने वाली है। हादसे के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए गौरी घाट पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान पुलिस की टीम यह सुनिश्चित करने पहुंची थी कि नाव में सवार लोग सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं, लेकिन इस दौरान पुलिस से ही एक बड़ी चूक हो गई।
👮 सुरक्षा पर सवाल: बिना लाइफ जैकेट नर्मदा में उतरे पुलिसकर्मी
जब पुलिस टीम नर्मदा की बीच धारा में तलाशी अभियान के लिए पहुंची, तो उन्होंने स्वयं लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। यह एक बड़ी विडंबना है कि जो विभाग जनता को सुरक्षा के पाठ पढ़ाने और नियमों का पालन करवाने के लिए गया था, वही खुद बुनियादी सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करता दिखा। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्रूज हादसे के सबक से प्रशासन ने कुछ नहीं सीखा है।
🔍 सर्च ऑपरेशन में जुटी थी सेना और NDRF
बरगी बांध में क्रूज डूबने के बाद लापता व्यक्तियों को खोजने के लिए एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया गया था। इसमें सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस और होमगार्ड की टीमें सुबह से ही मोर्चा संभाले हुए थीं। 13 लोगों की जान जाने के बावजूद, इस तरह की लापरवाही सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
🛑 क्या है प्रशासन की जिम्मेदारी?
नियमों के अनुसार, जल परिवहन के दौरान लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य है, खासकर तब जब प्रशासन खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहा हो। गौरी घाट जैसी संवेदनशील जगह पर, जहां पहले ही एक बड़ा हादसा हो चुका है, पुलिस की यह लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह अधिकारियों की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। जनता अब उम्मीद कर रही है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी गलतियों से बचेगा और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करेगा।






