Adhik Maas Purnima 2026: अधिकमास पूर्णिमा का व्रत आज, स्नान-दान कल; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

अधिकमास की पूर्णिमा अत्यंत पावन और शुभ मानी जाती है, जो तीन वर्षों में केवल एक बार आती है। इस दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान, दान, जप और तप का पुण्य सामान्य पूर्णिमा से कहीं अधिक प्राप्त होता है। आज अधिकमास पूर्णिमा का व्रत है, और चंद्रमा आज अपनी 16 कलाओं में पूर्ण होकर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे।
❓ आज व्रत और कल स्नान-दान क्यों?
धर्मशास्त्रों और पंचांग के अनुसार, व्रत और स्नान-दान का निर्धारण चंद्रोदय और सूर्योदय के आधार पर होता है:
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व्रत का आधार: पूर्णिमा तिथि आज सुबह 11:57 बजे से शुरू हो रही है। चूंकि आज रात चंद्रोदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान है, इसलिए आज व्रत रखा जाएगा।
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स्नान-दान का आधार: पूर्णिमा तिथि 31 मई को दोपहर 02:14 बजे तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि होती है, उसी दिन स्नान-दान करना विशेष फलदायी होता है, इसलिए कल 31 मई को स्नान-दान किया जाएगा।
🚿 अधिकमास पूर्णिमा स्नान-दान के शुभ मुहूर्त
यदि आप स्नान-दान का पूर्ण पुण्य प्राप्त करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित मुहूर्त का पालन करें:
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ब्रह्म मुहूर्त: यह स्नान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। समय: सुबह 04:03 से 04:43 तक।
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अमृत काल: यदि आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान न कर सकें, तो सुबह 04:33 से 06:20 के बीच स्नान करें।
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर में स्नान के लिए 11:57 से 12:51 का समय उत्तम है।
स्नान के पश्चात अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार अन्न, वस्त्र, जल, पंखा और फलों का दान करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इस पावन अवसर पर किए गए दान से आध्यात्मिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।






