ब्रेकिंग
Ranchi News Update: सैटेलाइट चौक पर चले बुलडोजर से बिगड़े हालात; बाईपास जाम, पुलिस से भिड़े आक्रोशित... UP Crime News Prayagraj: संगम नगरी में सपा नेता की हत्या से हड़कंप; पुलिस को पुरानी रंजिश का शक, जां... AAP Punjab News: मान सरकार में हाई-टेक हुई पंजाब पुलिस; कनाडा, अमेरिका और दुबई से गिरफ्तार होकर लौट ... UP Election 2027 Seat Sharing: यूपी चुनाव 2027 में सीट शेयरिंग का पेंच; सपा दे रही 60-70 सीटें, कांग... Bihar NDA Conflict: बिहार एनडीए में रार बढ़ा; UCC, फरक्का और सभापति सीट पर जदयू-भाजपा में ठनी, RJD न... Jharkhand Tribal Politics: पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून को ध्यान में रखकर हो परिसीमन, राज्यपाल से ग... Ranchi Municipal Corporation News: करमा पूजा पर रांची में विशेष सफाई और फॉगिंग अभियान; शिकायत के लिए... Chhattisgarh Wildlife Alert: धमतरी में बीच सड़क पर बैठा दिखा तेंदुआ, वन विभाग ने गंगरेल और रुद्री क्... Raipur CM Vishnu Deo Sai News: रायपुर में सीएम साय ने काफिला रुकवाकर खरीदा 1000 रुपये का दीया; स्ट्र... Ranchi CID Court Action: व्हाट्सएप से लीक की थी आंसर-की! 1000 पन्नों की केस डायरी पेश, श्वेता गुप्ता...
बिहार

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर प्रसाद अस्पताल अग्निकांड में 6 की मौत; 13 बेड वाले ICU में भर्ती थे 27 मरीज

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार तड़के लगी भीषण आग ने 6 मरीजों की जान ले ली, जबकि 21 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. शुरुआती जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल की 5वीं मंजिल पर बने आईसीयू (ICU) वार्ड के वेंटिलेटर में शॉर्ट सर्किट होने के कारण यह आग भड़की, जिसने देखते ही देखते चंद मिनटों में पूरी मंजिल को अपनी भयावह चपेट में ले लिया. इस हादसे में अस्पताल प्रबंधन की कई गंभीर लापरवाही भी उजागर हुई हैं; बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान अस्पताल की लिफ्ट पूरी तरह बंद थी और जीवन रक्षक माने जाने वाले इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) की सीढ़ी के दरवाजे पर ताला लटका हुआ था.

🚪 इमरजेंसी एग्जिट पर लगा था ताला, 13 बेड की क्षमता वाले आईसीयू में भेड़-बकरियों की तरह भरे थे 27 मरीज

घटना के दौरान लिफ्ट बंद होने और इमरजेंसी एग्जिट की सीढ़ी पर ताला लगा होने के कारण धुएं से घिरे लाचार मरीज और उनके परिजन अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर इधर-उधर भागते रहे. दम घुटने की स्थिति में कई लोगों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकलने और हवा पाने की कोशिश की. जांच में यह भी सामने आया है कि जिस आईसीयू वार्ड की कुल स्वीकृत क्षमता मात्र 13 बेड की थी, वहां मुनाफे के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर 27 मरीजों को जबरन भर्ती किया गया था. आग लगने के बाद वेंटिलेशन न होने से पूरा आईसीयू जहरीले धुएं से भर गया और हालात हिटलर के गैस चैंबर जैसे हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल मशीनों के ऑक्सीजन सिलेंडरों में एक के बाद एक तेज विस्फोट होने लगे, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार मच गई.

👵 80 वर्षीय राधा देवी की सूझबूझ: खुद स्लाइन और ऑक्सीमीटर हटाकर भागने से बची जान, दमकल की 6 गाड़ियों ने पाया काबू

अस्पताल में गंभीर बीमारी के इलाज के लिए भर्ती मुशहरी निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला राधा देवी ने अस्पताल के भीतर के खौफनाक मंजर को बयां किया. उन्होंने बताया कि मशीन से अचानक तेज चिंगारी निकलने और धमाके की आवाज सुनते ही उन्होंने बिना डरे तुरंत अपने शरीर में लगे स्लाइन (ग्लोकोज की बोतल) और ऑक्सीमीटर की तारों को खुद ही खींचकर हटा दिया और बिना पीछे मुड़े बाहर की तरफ भागीं, जिस कारण उनकी जान बच सकी. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग की 6 बड़ी गाड़ियां और 45 ट्रेंड दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे. भारी धुएं के बीच कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया और अंदर फंसे लोगों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला गया. हादसे में घायल सभी मरीजों को तुरंत शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

💪 अपनी जान दांव पर लगाकर नीतीश ने 5 मरीजों को सुरक्षित निकाला, लेकिन जीजा को नहीं बचा पाने का मलाल

इस भीषण अफरा-तफरी के बीच शिवहर जिले के रहने वाले युवा नीतीश कुमार ने असाधारण साहस और इंसानियत का परिचय दिया. उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए धुएं से धधकते आईसीयू के भीतर बार-बार प्रवेश किया और वहां फंसे 5 लाचार मरीजों को अपने कंधों पर उठाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया. हालांकि, इस दौरान वह वार्ड के कोने में फंसे अपने सगे जीजा उदय कुमार शाह को समय रहते बाहर नहीं ला सके और उनकी दम घुटने से मौत हो गई. नीतीश ने रोते हुए बताया कि आग लगने के ठीक बाद अस्पताल के कई जिम्मेदार कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड मरीजों को भगवान भरोसे तड़पता छोड़कर अपनी जान बचाकर सबसे पहले भाग खड़े हुए थे, जबकि वह अकेले ही अंतिम समय तक मरीजों को बचाने के रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा रहा.

⚖️ मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा, डीएम ने बैठाई 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम

इस भीषण आग की चपेट में आने के कारण आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती 6 गंभीर मरीजों की तड़पकर मौत हो गई, जिनमें 1 युवा, 3 बुजुर्ग और 2 महिलाएं शामिल हैं. घटना के तुरंत बाद एक्शन में आते हुए बिहार सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को तत्काल 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह (मुआवजा) राशि के चेक सौंप दिए गए हैं. इस दर्दनाक घटना की गंभीरता और सुरक्षा मानकों के खुले उल्लंघन को देखते हुए मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) ने एडीएम ( आपदा प्रबंधन) के नेतृत्व में पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है, जो अस्पताल के नक्शे, फायर एनओसी और अवैध बेड संचालन की जांच कर दोषियों पर सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज करेगी.

Related Articles

Back to top button