Haryana Govt News: सेवानिवृत्त अधिकारियों की दोबारा नियुक्ति पर सरकार सख्त; स्टाफ से हटाए गए 6 कर्मचारी

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्त किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर, सरकार ने उन सभी सेवानिवृत्त कर्मियों का ब्यौरा तलब किया है जो पुनर्नियुक्ति या संविदा (Contract) आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। सरकार के पास शिकायतें पहुंच रही थीं कि ऐसी नियुक्तियों के कारण नए युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
🚫 6 कर्मचारियों को दी गई विदाई
सरकार की सख्ती का असर तुरंत दिखने लगा है। गुरुवार को हरियाणा सिविल सचिवालय से उन 6 कर्मचारियों को सेवाओं से अलग कर दिया गया, जो रिटायरमेंट के बाद दोबारा काम कर रहे थे। इनमें सज्जन सिंह, विपिन कुमार, हरीश चंद्र, हरेंद्रपाल, तरसेम सिंह और मुन्नी लाल सैनी शामिल हैं। यह कार्रवाई भविष्य में अन्य विभागों में भी जारी रहने की संभावना है।
📋 15 जून तक मांगा गया पूरा रिकॉर्ड
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के कार्यालय द्वारा जारी पत्र में सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 जून तक अपने अधीन कार्यरत सभी श्रेणियों (A, B, C और D) के पुनर्नियुक्त कर्मचारियों की सूची मुख्य सचिव कार्यालय (स्थापना 2 शाखा) को सौंपें। इस निर्देश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर जानकारी नहीं दी गई, तो संबंधित विभाग के अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
🚀 युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
सरकार का मानना है कि सेवानिवृत्त लोगों को दोबारा नियुक्त करने से प्रशासनिक तंत्र में नए और योग्य युवाओं के आने का रास्ता बंद हो जाता है। मुख्यमंत्री के इन आदेशों के बाद सचिवालय से लेकर मिनी सचिवालय तक हड़कंप की स्थिति है। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के बाद बड़े पैमाने पर रिक्तियां सामने आएंगी, जिन्हें नए और युवा उम्मीदवारों से भरा जा सकेगा।






