Action Mode: हरियाणा में खेल नर्सरियों की जांच में बड़ा खुलासा; नियमों के उल्लंघन पर मंत्री की सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़: हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम प्रदेश में खेल व्यवस्था को पारदर्शी और विश्वस्तरीय बनाने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। समीक्षा बैठक के बाद आई ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर, मंत्री ने नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही 10 खेल नर्सरियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं। ये कार्रवाई मेवात, यमुनानगर, हिसार और भिवानी जैसे जिलों में की गई है।
🔍 जांच में मिलीं गंभीर खामियां
विभागीय जांच में खेल नर्सरियों के संचालन को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया:
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बुनियादी सुविधाओं का अभाव: खेल उपकरणों और आधुनिक खेल सामग्री की भारी कमी।
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मैदानों का बुरा हाल: मैदानों के खराब रख-रखाव से खिलाड़ियों की सुरक्षा को खतरा।
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रिकॉर्ड में गड़बड़ी: कागजों पर दर्ज खिलाड़ियों की संख्या और मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों की वास्तविक संख्या में भारी अंतर।
🛡️ क्या है भविष्य का विजन?
खेल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआत भर है। प्रदेश की सभी नर्सरियों की गहन जांच होगी। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि खिलाड़ियों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने खेल उपनिदेशकों और कोचों को चेतावनी देते हुए कहा कि निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🎯 ‘मिशन ओलंपिक 2036’: हरियाणा का लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य अब ‘ओलंपिक 2036’ है। हरियाणा सरकार का संकल्प है कि भारत की झोली में ओलंपिक में कम से कम 36 पदक केवल हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा डाले जाएं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जमीनी स्तर पर खेल नर्सरियों का पारदर्शी और विश्वस्तरीय होना अनिवार्य है।






