Kanker Education News: कचरा शेड में पढ़ने को मजबूर मासूम; जर्जर स्कूल भवन के चलते बंगोघोड़ियां गांव के बच्चे परेशान

कांकेर: छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बुनियादी समस्याओं का अंबार अब भी बरकरार है। कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के बंगोघोड़ियां गांव में प्राथमिक स्कूल की जर्जर हालत के कारण 11 बच्चे कचरा प्रबंधन के लिए बनाए गए ‘टिन शेड’ में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। स्कूल की पुरानी इमारत असुरक्षित हो चुकी है, जहाँ से छत का सीमेंट गिरने की घटनाएं सामने आने के बाद इसे उपयोग से बाहर कर दिया गया है।
🔥 भीषण गर्मी और सुविधाओं का अभाव
स्कूल में पढ़ने वाले 11 छात्र-छात्राओं के सपने बड़े हैं—कोई सेना में अधिकारी बनना चाहता है तो कोई गांव का नाम रोशन करना चाहता है। लेकिन भीषण गर्मी और टिन शेड के नीचे मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने इन सपनों की राह कठिन बना दी है। छात्र मानवेल कुजूर ने बताया कि पुराने स्कूल में छत से सीमेंट गिरने का डर था, जिसके कारण उन्हें अब यहां बैठना पड़ रहा है।
📢 ग्रामीणों और शिक्षकों की गुहार
ग्रामीण दीपक इक्का का आरोप है कि स्कूल भवन की मांग को लेकर उन्होंने जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग को कई बार आवेदन दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, प्रधान पाठक खोकन मंडल ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को इस बदहाल स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन समाधान अभी तक नहीं निकल सका है।
🏗️ प्रशासन का दावा: जल्द होगा नया निर्माण
इस मामले पर जब बीईओ देव कुमार शील से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में है और नया स्कूल भवन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही नए कमरों का निर्माण करवाकर बच्चों को सुरक्षित भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।






