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छत्तीसगढ़

Fertilizer Black Marketing: बस्तर में खाद घोटाला; लाइसेंस निरस्त, विभाग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस के सवाल

जगदलपुर: बस्तर जिले के नानगूर स्थित अनन्या कृषि केंद्र में अवैध खाद भंडारण का मामला अब एक बड़े घोटाले में तब्दील हो गया है। कृषि विभाग द्वारा सील किए गए गोदाम से भारी मात्रा में यूरिया स्टॉक के गायब होने की घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

🔓 सील गोदाम से गायब हुआ खाद का स्टॉक

पूर्व में कृषि विभाग ने अनन्या कृषि केंद्र में छापेमारी कर 1320 बोरी यूरिया और 338 बोरी पोटाश का अवैध भंडारण पकड़ा था। इस स्टॉक को सील कर सुपुर्दनामा सौंप दिया गया था। लेकिन 16 जून को जब जांच टीम दोबारा पहुंची, तो गोदाम का ताला टूटा मिला और पूरा यूरिया स्टॉक गायब था। जांच में यह भी सामने आया है कि लाइसेंस किसी और जगह का था, जबकि खाद का अवैध भंडारण शासन के ‘रीपा केंद्र’ के गोदाम में किया जा रहा था।

🗣️ कांग्रेस ने प्रशासन पर साधा निशाना

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने सवाल उठाया कि जब माल जब्त कर सील किया गया था, तो उसे पुलिस सुरक्षा में क्यों नहीं रखा गया? उन्होंने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

⚖️ प्रशासन की कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने 23 जून को अनन्या कृषि केंद्र के संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। साथ ही, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और केंद्र का खाद-बीज लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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