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Water Crisis Solution: अमित शाह की मौजूदगी में हरियाणा-राजस्थान के बीच बड़ा करार; पेयजल और बांध परियोजनाओं को मिलेगी गति

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हरियाणा और राजस्थान के बीच जल प्रबंधन को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता संपन्न हुआ है। दोनों राज्यों के बीच हुए इस महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) से जल संबंधी लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान होने का रास्ता साफ हो गया है। इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उपस्थित रहे।

🌊 समझौते के मुख्य बिंदु

इस ऐतिहासिक समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं:

  • 1994 का समझौता: वर्ष 1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते के प्रावधानों के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी मिलेगा।

  • पेयजल आपूर्ति: जुलाई से अक्टूबर माह के बीच वर्षा के पानी को हथनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के जरिए राजस्थान भेजा जाएगा।

  • बांध परियोजनाएं: रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर सहमति बनी है।

🤝 सहयोग और सनातन संस्कृति की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस पहल के लिए केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि “सनातन संस्कृति के अनुसार, प्यासे को पानी उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” हथनीकुंड बैराज से राजस्थान को पाइपलाइन के माध्यम से पानी देने का निर्णय राज्य के पेयजल संकट को दूर करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

🚀 जल प्रबंधन की दिशा में नई पहल

केंद्र सरकार का मानना है कि यह समझौता न केवल दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करेगा, बल्कि जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगा। इससे आने वाले समय में जल संसाधनों का उपयोग अधिक कुशल और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।

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