Raipur Ganja Smuggling: गांजा तस्करों पर रायपुर पुलिस का बड़ा प्रहार, 64 आरोपी गिरफ्तार और 2.5 करोड़ की संपत्ति सीज

रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। तस्कर ओडिशा के सीमावर्ती जिलों से गांजा लाकर उसे महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में खपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन रायपुर पुलिस के सक्रिय जाल में वे लगातार फंस रहे हैं। रायपुर कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन में पुलिस ने तस्करी के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ रखी है।
🔍 नॉर्थ जोन में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नॉर्थ जोन के डीसीपी मयंक गुर्जर ने बताया कि जनवरी में रायपुर कमिश्नरेट बनने के बाद से अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 34 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान पुलिस ने 64 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। साथ ही, सफेमा (SAFEMA) के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गांजा तस्कर की 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति भी सीज की गई है। पुलिस ने अब तक करीब 205 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार कीमत लाखों में है।
📦 तस्करी के नए तरीके और पुलिस का अलर्ट
गांजा तस्कर तस्करी के लिए बसों, ट्रेनों और कभी-कभी खिलौनों (टॉयज) जैसी वस्तुओं के भीतर छिपाकर भी गांजा भेज रहे हैं। डीसीपी मयंक गुर्जर के अनुसार, पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन अलग-अलग परिस्थितियों (कंडीशन्स) के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई कर रही है। मुखबिरों के तंत्र और लोकल इंटेलिजेंस को और अधिक मजबूत किया गया है, ताकि तस्करी के इन नए तरीकों का समय रहते भंडाफोड़ किया जा सके।
⚖️ कठोर कानूनी कार्रवाई का संकल्प
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि गांजा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। चाहे तस्कर तस्करी के लिए कोई भी नया रूट या तरीका अपनाएं, पुलिस हर स्तर पर निगरानी रख रही है। यह कार्रवाई न केवल तस्करों की कमर तोड़ने के लिए है, बल्कि युवाओं को नशे की इस गिरफ्त से बचाने के लिए भी एक बड़ा कदम है।






