छतरपुर हत्याकांड: जंगल में मिला युवक का शव, गला घोंटकर की गई हत्या; पत्नी पर साजिश का आरोप

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां अमरोनिया जंगल में 22 वर्षीय मनीराम रैकवार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने के लिए शव को बरगा हार नाले के पास पत्थरों से ढक दिया था। परिजनों की शिकायत के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और प्रेम-प्रसंग व पारिवारिक साजिश के एंगल से मामले की जांच कर रही है।
🏍️ लापता होने से शव मिलने तक का घटनाक्रम
मनीराम रैकवार 9 जुलाई को गेहूं पिसाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने जंगल में तलाशी शुरू की, जहाँ मृतक की मोटरसाइकिल लावारिस हालत में मिली। गहन सर्च अभियान के बाद पुलिस को नाले के पास पत्थरों के नीचे छिपाया गया मनीराम का खून से लथपथ शव बरामद हुआ।
🗡️ क्रूरता की सारी हदें पार
प्रारंभिक जांच और डॉक्टरों के अनुसार, कातिलों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं। युवक की पहले गला घोंटकर हत्या की गई और उसके बाद गले व शरीर पर नुकीली वस्तु से वार किए गए। बीएमओ डॉ. महेश त्रिवेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
🛣️ परिजनों का आक्रोश और चक्काजाम
बेटे की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर सटई बस स्टैंड पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहने के बाद नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी के लिखित आश्वासन पर जाम खुलवाया गया। पुलिस ने किशनगढ़ निवासी अलहुआ, अखिलेश पटेल और भरत यादव को हिरासत में लिया है।
🕵️ पत्नी पर साजिश का शक
मृतक के परिजनों ने मनीराम की पत्नी पर साजिश का गंभीर आरोप लगाया है। उनकी शादी महज दो महीने पहले ही हुई थी। पुलिस अधीक्षक (SP) रजत सकलेचा ने बताया कि मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच की जा रही है। एक अन्य महिला की संदिग्ध भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। एसपी ने जल्द ही पूरे हत्याकांड का आधिकारिक खुलासा करने का आश्वासन दिया है।






