Madhya Pradesh Rain Alert: मध्य प्रदेश में मानसून की तूफानी वापसी, भोपाल-नर्मदापुरम समेत 35 से अधिक जिलों में भारी बारिश

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरे शबाब पर आ गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में मौसम सुहावना हो गया, जबकि कुछ निचले स्थानों पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।
नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा 4.2 इंच पानी बरसा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक वर्षा नर्मदापुरम जिले में दर्ज की गई, जहां करीब 4.2 इंच पानी बरसा। इसके अलावा नरसिंहपुर में 2.5 इंच, राजगढ़ में 2.4 इंच, सीहोर और मलाजखंड में 2.2 इंच, राजधानी भोपाल में 2.1 इंच, पचमढ़ी व मंडला में 1.8 इंच, श्योपुर में 1.5 इंच, सिवनी में 1.3 इंच तथा खरगोन में 1.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी भोपाल में रातभर रुक-रुककर हुई बारिश से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।
प्रदेश भर में बदला मौसम का मिजाज, इन जिलों में भी हुई बारिश
बारिश का असर केवल कुछ जिलों तक ही सीमित नहीं रहा। उमरिया, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, टीकमगढ़, खंडवा, छतरपुर, सतना, बैतूल, दमोह, जबलपुर, इंदौर, रतलाम, दतिया, उज्जैन, धार, सीधी, ग्वालियर, सागर, शाजापुर, विदिशा, देवास, आगर-मालवा, बड़वानी और बुरहानपुर समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।
अगले 48 घंटों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से लगातार नमी मिलने के कारण मानसून सिस्टम काफी मजबूत बना हुआ है। इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आम लोगों को सतर्क रहने, उफान मारती नदियों-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।
किसानों के खिले चेहरे, निचले इलाकों में अलर्ट पर प्रशासन
प्रदेश में लगातार हो रही इस बारिश से जहां एक ओर किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है, वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से मुस्तैदी से निपटने के लिए प्रशासन ने संबंधित सभी विभागों को हाई अलर्ट मोड पर रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।






