Rajasthan Crime News: जयपुर में पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला रूबिया, मांग में सिंदूर और मंगलसूत्र पहन छिपा रखी थी पहचान; फर्जी दस्तावेज बरामद

राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और उनके नेटवर्क की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं। नागौर, भीलवाड़ा और अजमेर में हुई कार्रवाइयों के बाद मिले अहम इनपुट के आधार पर जयपुर पुलिस ने नारायण विहार इलाके में छापेमारी कर रूबिया नाम की एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने जयपुर से दो अन्य बांग्लादेशी युवकों को भी गिरफ्तार किया है।
👰 पहचान छिपाने के लिए लगाती थी सिंदूर और मंगलसूत्र, मोबाइल से मिली हिंदू युवक से शादी की तस्वीरें
गिरफ्तार महिला ने भारत में अवैध रूप से रहने के लिए हिंदू रीति-रिवाज अपना रखे थे। वह मांग में सिंदूर लगाती थी और गले में मंगलसूत्र पहनती थी। महिला के मोबाइल से एक हिंदू युवक के साथ शादी की तस्वीरें भी मिली हैं। जयपुर के DCP साउथ राजर्षि राज के अनुसार, पुलिस यह जांच कर रही है कि यह विवाह वास्तविक है या महज पहचान छिपाने के लिए रचाया गया नाटक।
🌐 नागौर से जयपुर तक एक जैसा पैटर्न, देह व्यापार और लव ट्रैप सिंडिकेट का शक
जांच एजेंसियों के अनुसार नागौर, भीलवाड़ा, अजमेर और जयपुर से पकड़ी गई महिलाओं के बीच आपसी कनेक्शन के संकेत मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन महिलाओं ने अलग-अलग स्थानों पर पहचान छिपाने के लिए हिंदू युवकों से शादी की थी। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि ये महिलाएं कथित तौर पर देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क के जरिए अवैध रास्ते से भारत लाई गई थीं। हालांकि, इनके किसी संगठित देशविरोधी गतिविधि से जुड़े होने पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
💸 कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेजा जाता था हवाला का पैसा, फर्जी पहचान पत्र की जांच शुरू
वित्तीय लेनदेन और फर्जी दस्तावेजों की जांच भी तेजी से चल रही है। भारत में अवैध गतिविधियों या काम से कमाए गए पैसे कोलकाता स्थित एजेंटों के माध्यम से हवाला के जरिए बांग्लादेश भेजे जाते थे। महिला के पास से एक भारतीय पहचान पत्र मिला है, जिसके फर्जी होने का संदेह है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह कार्ड किस गिरोह की मदद से बनवाया गया। आरोपी महिला असम सीमा के जरिए अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। उसके पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट तो मिला है, लेकिन उस पर भारत आने-जाने की कोई वैध इमिग्रेशन मुहर दर्ज नहीं है। फिलहाल, जयपुर पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।






