Makrana News: नागौर में भारी बारिश के बाद बड़ा हादसा, ढहीं मकराना की 12 मार्बल खदानें; जाखली मार्ग पूरी तरह धंसा

राजस्थान के नागौर जिले के मकराना खनन क्षेत्र में गुरुवार अल सुबह हुई तेज बारिश के बाद बड़ा हादसा सामने आया। कालानाड़ा रेंज के जाखली मार्ग स्थित करीब एक दर्जन बंद पड़ी मार्बल खदानें अचानक ढह गईं। खदानों के धंसने के साथ ही सड़क का बड़ा हिस्सा भी जमीन में समा गया, जिससे जाखली मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय खदानों में खनन कार्य बंद था और सड़क से भी कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था।
🚔 पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात, सुरक्षा के लिहाज से रास्ता पूरी तरह बंद
घटना की सूचना मिलते ही मकराना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। मकराना के पुलिस उपाधीक्षक विक्की नागपाल और थाना प्रभारी पंकज कुमार ने मौके का निरीक्षण किया। सुरक्षा को देखते हुए पूरे मार्ग को तत्काल बंद कर दिया गया और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस मार्ग का इस्तेमाल न करें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
🌧️ तेज बारिश के कारण कमजोर हुई जमीन, खदानों के साथ सड़क भी जमींदोज
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण खदानों के आसपास की जमीन कमजोर हो गई थी, जिसके चलते एक के बाद एक कई खदानें धंस गईं। इसका असर जाखली रोड पर भी पड़ा और सड़क का बड़ा हिस्सा खदानों में समा गया। प्रशासन क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रहा है।
🛣️ दो साल पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा, गांवों का संपर्क कटा
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में इस तरह की घटना हुई हो। करीब दो वर्ष पहले भी इसी कालानाड़ा रेंज में कई खदानें ढह गई थीं, जिससे जाखली मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय सुरक्षा कारणों से सड़क को बंद कर दिया गया था और बाद में मरम्मत के बाद छोटे वाहनों के लिए सीमित रूप से खोला गया था, लेकिन इस बार बड़े पैमाने पर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
⚠️ इलाके को संवेदनशील घोषित किया गया, तकनीकी जांच के बाद शुरू होगी मरम्मत
मार्ग बंद होने से जाखली, माताभर और आसपास के कई गांवों के लोगों को अब लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाकर आवागमन करना पड़ेगा। प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और सड़क की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। पूरे इलाके को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील घोषित कर निगरानी बढ़ा दी गई है।






