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मध्यप्रदेश

दमोह में स्कूल के पास खुले गड्ढे में डूबने से 2 मासूमों की मौत, ओंकारेश्वर में सेप्टिक टैंक ने ली बच्चे की जान

दमोह/खंडवा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां रजपुरा थाना क्षेत्र के सेमरा गांव में दोपहर के लंच ब्रेक के दौरान खेलते समय दो मासूम स्कूली बच्चों की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।

मृतकों की पहचान 10 वर्षीय सोनू यादव (कक्षा 5वीं का छात्र) और 11 वर्षीय भविष्य यादव (कक्षा 6वीं का छात्र) के रूप में हुई है। दोनों बच्चे अपने स्कूल के सामने खेल रहे थे, तभी अचानक वे किनारे बने गड्ढे के पास चले गए और संतुलन बिगड़ने से उसमें गिर गए। वहीं, खंडवा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर में एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे की खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से मौत हो गई।

⚠️ 2 साल से लापरवाही से खुला पड़ा था गड्ढा, बना ‘मौत का कुआं’

घटना की सूचना मिलते ही दोनों मासूमों के परिवारों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद बच्चों के शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

इस दौरान मृतक बच्चों के आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के ठीक सामने करीब 2 साल पहले किसी निर्माण कार्य के सिलसिले में यह गड्ढा खोदा गया था, लेकिन बाद में इसे ऐसे ही लावारिस छोड़ दिया गया। बारिश के पानी से इसमें 10 फीट से ज्यादा गहरा पानी भर गया, जो बच्चों के लिए ‘मौत का कुआं’ साबित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन इसे भरवा देता तो दो मासूमों की असमय जान न जाती।

💔 लंच के समय खेलते-खेलते गड्ढे में गिरे बच्चे, देखते ही देखते पानी में समाए

परिजनों के मुताबिक दोनों बच्चे रोज की तरह सुबह हंसते-खेलते स्कूल गए थे। दोपहर करीब 1:30 बजे लंच ब्रेक के दौरान वे अन्य सहपाठियों के साथ स्कूल परिसर से बाहर खेलने चले गए। इसी दौरान खेलते-खेलते दोनों बच्चे पानी से भरे इस जानलेवा गड्ढे में गिर गए।

आसपास मौजूद अन्य बच्चों और राहगीरों ने उन्हें डूबते देखा और बचाने के लिए जोर-जोर से शोर मचाया, लेकिन जब तक मदद पहुंचती, दोनों गहरे पानी में समा चुके थे।

⚖️ रजपुरा पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दिया आश्वासन

घटना की सूचना मिलते ही रजपुरा थाना पुलिस के साथ एसडीओपी कृष्णपाल सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया।

रजपुरा थाना प्रभारी शिवनारायण यादव ने बताया, “शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यहां किसी पेट्रोल पंप के निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया था, जिसे बाद में बंद नहीं किया गया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। इस जानलेवा लापरवाही के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध वैधानिक और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

🚰 ओंकारेश्वर में खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से 3 साल के बच्चे की मौत, जिम्मेदार डिप्टी इंजीनियर सस्पेंड

उधर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में एक खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से 3 साल के मासूम तनुश उसरेठे की मौत हो गई। जयपुर से आया पीड़ित परिवार 24 जुलाई को ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचा था। जैसे ही परिवार ब्रह्मपुरी पार्किंग एरिया में बस से उतरा, तो बच्चा अंधेरे में दौड़ते हुए अचानक एक खुले पड़े सेप्टिक टैंक में जा गिरा।

बच्चे के पिता ने तत्परता दिखाते हुए उसे टैंक से बाहर निकाला, लेकिन फेफड़ों में अत्यधिक गंदा पानी भर जाने के कारण अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। मामले की प्रशासनिक जांच में नगर निगम के डिप्टी इंजीनियर सुरेश चंद्र पाटीदार को दोषी माना गया है, जिन्होंने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान इस सेप्टिक टैंक को खुला छोड़ दिया था। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है।

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