शिक्षा बोर्ड में धांधली पर दिग्विजय चौटाला का बड़ा हमला! राज्यपाल से करेंगे शिकायत, हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी

सिरसा (हरियाणा): केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जननायक जनता पार्टी (JJP) ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और राज्य सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है।
युवा जेजेपी के प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने सिरसा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा शिक्षा बोर्ड में बड़े पैमाने पर धांधली, पेपर लीक और पात्र युवाओं को सरकारी नौकरियों से वंचित किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “इस पूरे मामले की आधिकारिक शिकायत हरियाणा के राज्यपाल से की जाएगी। यदि वहां से भी न्याय नहीं मिला तो पार्टी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी।”
📋 “पेपर लीक में देश में नंबर-1 बना हरियाणा, सीसीटीवी स्टोरेज डिवाइस तक गायब”
दिग्विजय सिंह चौटाला ने हरियाणा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पेपर लीक के मामलों में हरियाणा आज पूरे देश में अव्वल बन चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा बोर्ड में इस तरह धांधली की गई है, जिससे योग्य और पात्र युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया और वे नौकरियों से वंचित रह गए। उन्होंने कहा कि इसकी सीधी जवाबदेही शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन की बनती है। धांधली की जांच से जुड़े सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के स्टोरेज डिवाइस तक गायब कर दिए गए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जेजेपी का प्रतिनिधिमंडल जल्द राज्यपाल से मुलाकात करेगा।
⚖️ निष्पक्ष कार्रवाई न होने पर कोर्ट में लड़ेंगे कानूनी लड़ाई, युवाओं के लिए करेंगे संघर्ष
जेजेपी नेता ने आगे कहा कि यदि राज्य सरकार और संबंधित जांच एजेंसियां इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं करती हैं, तो पार्टी इस मुद्दे को कोर्ट में ले जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि यदि राज्यपाल के स्तर पर भी त्वरित न्याय नहीं मिला, तो वे सीधे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग करेंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के किसी भी मामले में पार्टी किसी भी हद तक संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी।
🚩 “विश्वविद्यालयों का भगवाकरण नहीं होने देंगे, शैक्षणिक योग्यता के आधार पर हों नियुक्तियां”
उच्च शिक्षण संस्थानों के माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए दिग्विजय सिंह चौटाला ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की यूनिवर्सिटीज में कुलपतियों (VC), रजिस्ट्रार और अन्य प्रशासनिक व शैक्षणिक पदों पर आरएसएस (RSS) की विचारधारा से प्रभावित लोगों की एकतरफा नियुक्तियां की जा रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विश्वविद्यालयों का किसी भी सूरत में भगवाकरण नहीं होने दिया जाएगा। शिक्षा संस्थानों का संचालन किसी वैचारिक एजेंडे के आधार पर नहीं, बल्कि केवल शैक्षणिक गुणवत्ता, योग्यता और निष्पक्षता के आधार पर होना चाहिए।
🎓 5 अगस्त को ‘छात्र विजय दिवस’ के रूप में मनेगा इनसो का 24वां स्थापना दिवस, छात्र संघ चुनावों की उठेगी मांग
दिग्विजय सिंह चौटाला ने आगे बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि छात्र संगठन इनसो (INSO) का 24वां स्थापना दिवस आगामी 5 अगस्त को प्रदेश भर में ‘छात्र विजय दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव (Direct Student Union Elections) की बहाली के लिए एक बार फिर से बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न छात्र संगठनों को एकजुट कर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में छात्र नेतृत्व को प्रेरित करने वाली प्रमुख हस्तियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
🏛️ भाजपा ने आश्वासन देकर रोका था आंदोलन, अब वादे से मुकरने पर फिर खड़ा होगा जन-आंदोलन
अतीत का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि वर्ष 2017-18 में भी छात्र संघ चुनावों की बहाली की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन हुआ था, लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार ने चुनाव कराने का लिखित आश्वासन देकर उस समय आंदोलन को समाप्त करा दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया। अब प्रदेश के छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए फिर से मजबूत आंदोलन खड़ा किया जाएगा और सरकार को हर हाल में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव कराने के लिए मजबूर किया जाएगा।
🕊️ जंतर-मंतर पर छात्रों की एकजुटता मिसाल, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वालों पर हो जांच
वहीं, दिल्ली के प्रसिद्ध जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए जेजेपी नेता ने कहा कि देश के छात्रों ने धर्म, जाति, क्षेत्र और संप्रदाय की राजनीति से ऊपर उठकर अपनी अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई है।
यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि देश का भविष्य जागरूक युवाओं के हाथों में पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने मांग की कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे छात्रों पर सिविल ड्रेस (सादे कपड़ों) में बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों व अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। युवाओं पर जितना पुलिसिया दबाव बनाया जाएगा, उनका लोकतांत्रिक संघर्ष उतना ही मजबूत होगा, क्योंकि लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने से केवल अराजकता पैदा होती है।






