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छत्तीसगढ़

कांकेर: चारामा में नेशनल हाईवे-30 पर जलभराव की समस्या का निकला हल; प्रशासन की पहल पर टला अनिश्चितकालीन चक्काजाम

कांकेर (छत्तीसगढ़): उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा स्थित नेशनल हाईवे-30 (NH-30) पर पिछले कई वर्षों से बनी जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर गुरुवार को प्रस्तावित अनिश्चितकालीन चक्काजाम आंदोलन प्रशासन की त्वरित पहल के बाद टल गया है।

क्षेत्रीय विधायक सावित्री मंडावी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और समस्या के स्थायी समाधान की रूपरेखा पर सहमति बनाई।

🚧 कई सालों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे थे स्थानीय लोग, जेसीबी चलाकर हटाया गया पानी

नेशनल हाईवे पर लगातार होने वाले जलभराव के स्थायी निदान की मांग को लेकर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, कांग्रेस पदाधिकारियों और स्थानीय व्यापारी संघ ने संयुक्त रूप से गुरुवार को चक्काजाम का आह्वान किया था।

आंदोलन की चेतावनी के बाद हरकत में आए प्रशासन ने बुधवार देर रात जेसीबी (JCB) मशीनों की सहायता से पानी निकासी मार्ग की सफाई करवाई और सड़क पर जमा पानी हटवाया। पानी की सुचारू निकासी शुरू होने के बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।

🗣️ निरीक्षण के दौरान अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और जमीन मालिक के बीच हुई तीखी बहस

स्थल निरीक्षण के दौरान निजी जमीन मालिक, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच कुछ देर के लिए तीखी बहस भी देखने को मिली।

हालांकि, चारामा पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के समय रहते हस्तक्षेप के बाद सभी पक्षों के बीच आम सहमति बनी और माहौल शांत हुआ। इस दौरान विधायक सावित्री मंडावी ने भी सभी से शांतिपूर्ण ढंग से समाधान प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की। विधायक ने कहा कि वर्षों से बारिश के दौरान हाईवे पर जलभराव होने से आवागमन बुरी तरह बाधित होता है तथा सड़क किनारे स्थित दुकानों और मकानों में पानी घुसने से नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

🌾 “बरसों से मेरी जमीन में भर रहा बस्ती का पानी”: जमीन मालिक ने बयां किया अपना दर्द

निजी जमीन मालिक विष्णु सोनकर ने अपनी बात रखते हुए बताया कि पूरे शहर और बस्ती का गंदा पानी वर्षों से उनकी कृषि भूमि में भर जाता है, जिससे उनकी खेती पूरी तरह बर्बाद हो रही थी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अब प्रशासन द्वारा स्थायी जल निकासी का मार्ग निकालने से सभी प्रभावितों को राहत मिलेगी।

🗳️ चारामा में नेशनल हाईवे का मुद्दा बना सियासत का केंद्र, प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकीं निगाहें

चारामा में नेशनल हाईवे-30 पर जलभराव का मुद्दा लंबे समय से स्थानीय राजनीति और जनहित का प्रमुख विषय बना हुआ है।

एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस नाकामी को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगा रही है, वहीं क्षेत्रीय विधायक सावित्री मंडावी लगातार इसके स्थायी समाधान के प्रयास में जुटी हुई हैं। फिलहाल प्रशासनिक आश्वासन के बाद क्षेत्रवासियों की निगाहें इस योजना के धरातल पर उतरने पर टिकी हैं।

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