ब्रेकिंग
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हुआ 'एंटी पेपर लीक बिल', राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पं... दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी मुफ्त साइकिल! CM ... 'Idiots' और 'Andhbhakts' टिप्पणी पर घिरे राहुल गांधी: अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार समिति को मामला भेज... हरियाणा मतदाता सूची पुनरीक्षण: 26.29 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में मिलीं गड़बड़ियां, 33 लाख नाम ड्राफ्ट ... समालखा नगर परिषद में सियासी ड्रामे का पटाक्षेप! मनीषा कुहाड़ निर्विरोध बनीं वाइस चेयरपर्सन हरियाणा में JBT शिक्षकों की TGT पदोन्नति प्रक्रिया तेज! 13 अगस्त तक मांगे आवेदन, DEEO पर गाज की तैया... ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'गोल्डन बॉय' नीरज चोपड़ा का धमाकेदार प्रदर्शन, जैवलिन थ्रो के फाइनल मे... पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धारा 24(2) का सहारा लेकर नहीं खोले जा सकते दशकों पुराने भू... राज्यसभा में उठी गुरुग्राम में हाईकोर्ट सर्किट बेंच की मांग! सांसद संजय भाटिया ने 'टॉवर ऑफ जस्टिस' क...
छत्तीसगढ़

कोरबा में कटहल खाने के चक्कर में 25 फीट गहरे कुएं में गिरा भालू, मची अफरा-तफरी

कोरबा (छत्तीसगढ़): जंगलों के लगातार सिमटने और वन्य क्षेत्रों में फल-फूलों की कमी के चलते अक्सर जंगली जानवर भोजन की तलाश में ग्रामीण व रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।

कुछ ऐसा ही वाकया कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत आने वाले केंदई वन परिक्षेत्र के ग्राम छिंदिया में देखने को मिला। यहां कटहल खाने के चक्कर में एक भालू गहरे कुएं में जा गिरा। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और वनकर्मियों की सूझबूझ व संयुक्त मदद से भालू को बिना किसी चोट के कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

🌳 बिना मुंडेर के 25 फीट गहरे सूखे कुएं में जा गिरा भालू, देखने के लिए उमड़ी भीड़

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम छिंदिया में बिना मुंडेर का एक खुला हुआ कुआं स्थित है, जिसकी गहराई लगभग 25 फीट के करीब है।

कुएं के ठीक पास ही कटहल का एक बड़ा पेड़ लगा हुआ है। घटना वाले दिन भालू भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर इस कुएं के पास पहुंचा। जैसे ही भालू ने पेड़ से कटहल तोड़कर खाने का प्रयास किया, वैसे ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरे सूखे कुएं में जा गिरा। भालू के कुएं में गिरने की खबर जंगल में आग की तरह फैली और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना वन विभाग को दी।

🪜 भालू के रेस्क्यू के लिए वन विभाग ने बनाई अनोखी रणनीति, कुएं में उतारी बांस की सीढ़ी

घटना की सूचना मिलते ही केंदई वन परिक्षेत्र की वन विभाग की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंची।

कुआं लगभग 25 फीट गहरा था और संयोग से उसमें पानी नहीं था। ऊपर से नीचे झांकने वाले लोगों की भारी भीड़ को देखकर भालू अत्यधिक डरा और सहमा हुआ था। ऐसे में भालू को सीधे फंदे या पिंजरे के जरिए बाहर निकालना जोखिम भरा और खतरनाक साबित हो सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने भालू को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने के बजाय प्राकृतिक तरीके से बाहर निकालने की योजना बनाई।

💬 “भीड़ हटने और शांत माहौल मिलने के बाद खुद सीढ़ी चढ़कर जंगल लौटा भालू”: कुमार निशांत, डीएफओ

मामले की जानकारी देते हुए कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत ने बताया, “केंदई में भालू एक सूखे कुएं में गिर गया था, जिसे सीढ़ियों के जरिए बाहर निकालने की रणनीति बनाई गई। भालू संभवतः कटहल खाने के लिए गांव की तरफ आया था। कुएं के पास से भीड़ को हटाया गया और शांत माहौल मिलते ही भालू खुद सीढ़ी चढ़कर बाहर निकल आया और अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित लौट गया।”

🚜 कुएं में झपकी लेने के बाद सीढ़ी के सहारे बाहर आया भालू, वन विभाग की हुई तारीफ

स्थिति की नजाकत को भांपते हुए वन विभाग की टीम ने सबसे पहले मौके पर एक जेसीबी (JCB) मशीन मंगवाई।

जेसीबी की मदद से कुएं के एक तरफ की मिट्टी काटकर ढलाननुमा रैंप तैयार किया गया, ताकि भालू के लिए रास्ता सुगम हो सके। इसके साथ ही, कुएं के भीतर एक मजबूत बांस की सीढ़ी उतारी गई। कुएं के आसपास से जैसे ही ग्रामीणों की भीड़ हटाई गई, कुएं के भीतर कुछ देर आराम और झपकी लेने के बाद भालू सीढ़ी के सहारे आसानी से बाहर निकल आया और जंगल की ओर चला गया। पूरी प्रक्रिया में भालू को खरोंच तक नहीं आई।

Related Articles

Back to top button