झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, 1390 आश्वासनों पर जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

रांची (झारखंड): झारखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र (6 से 12 अगस्त तक) के सुचारू एवं व्यवस्थित संचालन को लेकर सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रबींद्रनाथ महतो ने एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
स्पीकर कक्ष में आयोजित इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना दादेल, वित्त सचिव प्रशांत कुमार सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और पुलिस-प्रशासन के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मानसून सत्र की प्रशासनिक, सुरक्षात्मक एवं तकनीकी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई।
🛡️ समय पर मिले विधायकों के प्रश्नों के उत्तर, परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन पर विधि-व्यवस्था के सख्त निर्देश
बैठक के दौरान स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि, “विधायक अक्सर सदन में समय पर प्रश्नों के उत्तर न मिलने या विधेयकों की प्रतियां देर से प्राप्त होने की शिकायत करते हैं। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी जानकारी और विधेयकों की प्रतियां समय से सदन को उपलब्ध कराई जाएं।”
इसके अतिरिक्त, सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के बाहर होने वाले संभावित धरना-प्रदर्शनों, जुलूसों और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु पुलिस महानिदेशक (DGP) व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित कराने हेतु सभी दलीय नेताओं और सदस्यों से सहयोग की अपील की।
🔥 5 दिवसीय मानसून सत्र में JPSC परीक्षा धांधली पर सरकार को घेरेगा विपक्ष, मंत्री राधाकृष्ण किशोर का पलटवार
पाँच दिवसीय इस मानसून सत्र के दौरान हालिया जेपीएससी (JPSC) परीक्षा धांधली, कानून-व्यवस्था और जनहित के विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष द्वारा हेमंत सोरेन सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार की गई है।
विपक्ष की आक्रामक तैयारियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि, “हमारी सरकार सदैव छात्रों एवं युवाओं के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रही है। यदि विपक्ष राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से सदन में विषय उठाता है, तो सरकार तार्किक एवं संतोषजनक उत्तर देने हेतु पूरी तरह तत्पर है। किंतु यदि केवल हंगामा ही किया जाएगा, तो अभ्यर्थियों का विषय दब जाएगा।”
⚠️ 1390 आश्वासनों का विभाग से जवाब गायब, शून्यकाल की 321 सूचनाओं पर अनुत्तरित रही सरकार
समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय लापरवाही की एक गंभीर तस्वीर भी सामने आई। विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार, सदन में मंत्रियों द्वारा दी गई चर्चाओं और वचनों के तहत कुल 1,390 आश्वासनों पर संबंधित विभागों से अब तक कोई प्रगति रिपोर्ट या जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
इसके अतिरिक्त, विधायकों द्वारा शून्यकाल (Zero Hour) के दौरान उठाई गई 440 लोक-महत्व की सूचनाओं में से 321 सूचनाओं पर कोई जवाब नहीं आया है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और पथ निर्माण जैसे मुख्य विभाग शामिल हैं। समय पर जवाब न मिलने के कारण विधायकों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी निरंतर बनी हुई है, जिस पर स्पीकर ने सख्त ऐतराज जताया है।






