ब्रेकिंग
Jharkhand Rain Alert: रांची में मूसलाधार बारिश का कहर, खतरे के निशान के करीब पहुंचे डैम के जलस्तर Jamshedpur Bank Robbery: गोलमुरी केनरा बैंक डकैती में पुलिस का बड़ा एक्शन, 5 डकैतों पर 2-2 लाख का इन... Ranchi Police Action: जमशेदपुर हादसे के बाद अलर्ट पर रांची पुलिस, NH और रिंग रोड पर रातभर चला चेकिंग... Ophthalmological Conference Ranchi: 5वीं मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस का आगाज, AI और रोबोटिक सर्जरी पर हुआ मं... Indore Jhanki Results: अनंत चतुर्दशी चल समारोह में राजकुमार मिल की झांकी प्रथम, देखें विजेताओं की पू... Bhopal News Today: फाइव स्टार होटलों में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़; फूड विभाग के छापे में सड़े मशर... IMD Weather Forecast: सितंबर के आखिरी हफ्ते में फिर सक्रिय हुआ मानसून, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में डिप्रे... Jabalpur-Bhopal NH-45 Toll News: जबलपुर-भोपाल हाईवे पर शाहपुरा टोल टैक्स वसूली पर रोक; नितिन गडकरी न... Nitin Gadkari Bhopal Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख; RTO में भ्रष्टाचार पर बोले— 'गा... Mandla CMO Bribe Trap: मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़...
झारखण्ड

रांची: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र, सामाजिक संगठनों ने संभाला भोजन का जिम्मा

रांची (झारखंड): जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षाओं में कथित व्यापक अनियमितताओं की सीबीआई (CBI) जांच कराने तथा दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन बुधवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गया।

आंदोलन के इस चरण में धरना स्थल पर केवल विरोध प्रदर्शन ही नहीं, अपितु सामाजिक सहयोग, आपसी भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं की अनूठी एवं विहंगम तस्वीर भी निरंतर देखने को मिल रही है। प्रतिदिन की भांति बुधवार प्रातः भी विभिन्न सामाजिक संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन तथा आम प्रबुद्ध नागरिक आंदोलनकारी छात्रों के लिए नाश्ता एवं स्वरुचिकर भोजन लेकर पहुँचे।

🍱 नाश्ते में कचौड़ी, जलेबी व फल लेकर पहुँचे नागरिक, 12 दिनों से निर्बाध जारी है खान-पान की व्यवस्था

आंदोलन के 12वें दिन धरना पर बैठे अभ्यर्थियों हेतु प्रातःकालीन जलपान में जलेबी, कचौड़ी, केला, तरबूज, ब्रेड, सॉस, जैम, मिष्ठान, बिस्कुट, चाय और कॉफी का व्यापक प्रबंध किया गया।

प्रातःकाल से ही अनेक जन-संगठनों एवं समाजसेवियों के माध्यम से भोजन के पैकेट तथा अन्य आवश्यक दैनिक सामग्री धरना स्थल तक पहुँचती रही। यही मुख्य कारण है कि विगत 12 दिनों से अनवरत सत्याग्रह पर बैठे छात्रों को खान-पान व रसद को लेकर किसी बड़ी व्यावहारिक विपदा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

💼 खुद तैयारी और नौकरी करने वाले 6 दोस्तों ने बचाए पैसों से कराई नाश्ते की व्यवस्था

इसी क्रम में प्रातःकाल एक ऐसी प्रेरणादायी पहल देखने को मिली, जिसने इस छात्र आंदोलन को एक सर्वथा नवीन पहचान दी।

सनी, कृष्णा, भीमा, यश भारती, रणवीर और जीतू नाम के छह सहपाठियों ने अपनी सीमित व्यक्तिगत बचत से पैसे खर्च कर आंदोलनरत अभ्यर्थियों हेतु नाश्ते की व्यवस्था की। इन युवाओं की विशिष्टता यह है कि ये सभी स्वयं भी जेपीएससी और जेएसएससी जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तथा अध्ययन के साथ-साथ निजी संस्थानों में आजीविका हेतु नौकरी भी करते हैं। अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से बचाए गए धन को उन्होंने आंदोलन में संघर्षरत अपने साथियों की निस्वार्थ सेवा हेतु सहर्ष व्यय किया।

💬 “यह केवल नाश्ता नहीं, साथियों के प्रति एकजुटता का प्रतीक है”: सहयोगी युवा

“हम भी उसी मानसिक और सामाजिक संघर्ष का अटूट हिस्सा हैं, जिससे धरना स्थल पर बैठे हजारों अभ्यर्थी गुजर रहे हैं। यद्यपि अपनी नौकरी की बाध्यता के कारण हम हर समय धरना स्थल पर उपस्थित नहीं रह पाते, परंतु अपने साथी अभ्यर्थियों का मनोबल बढ़ाना और उनके न्यायपूर्ण संघर्ष में यथासंभव योगदान देना हमारा नैतिक दायित्व है। यह मात्र जलपान नहीं, अपितु अपने साथी परीक्षार्थियों के प्रति सम्मान और अटूट एकजुटता का प्रतीक है।”

🤝 “यह पूरे झारखंड के युवाओं की लड़ाई”, समाज के हर वर्ग का मिल रहा है अपार समर्थन

धरना स्थल पर उपस्थित छात्रों ने भी इस अनुकरणीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

अभ्यर्थियों का कहना है कि जब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा अपनी सीमित आय में से सहयोग हेतु आगे आते हैं, तो इस आंदोलन को अदम्य संबल प्राप्त होता है। इससे संपूर्ण प्रदेश में यह स्पष्ट संदेश प्रसारित होता है कि यह लड़ाई केवल धरना स्थल पर बैठे कुछ सौ छात्रों की नहीं, बल्कि झारखंड के उन तमाम लाखों युवाओं की है जो पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रक्रिया की आस लगाए बैठे हैं।

🌧️ मौसम की मार के बावजूद बुलंद हैं छात्रों के हौसले, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली हेतु शांतिपूर्ण आंदोलन जारी

भीषण वर्षा, उमस भरी गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद आंदोलनकारी युवाओं का मनोबल पूरी तरह अडिग है।

आंदोलन के 12वें दिन धरना स्थल से एक बार पुनः यही संदेश मुखरित हुआ कि यह मंच केवल विरोध का केंद्र नहीं, अपितु परस्पर सहयोग, सच्ची मित्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत प्रतीक बन चुका है। अपने सुरक्षित भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर अभ्यर्थी पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से मोर्चे पर डटे हुए हैं।

Related Articles

Back to top button