मुजफ्फरपुर में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: मास्टरमाइंड सन्नी बाबा गिरफ्तार, 74 ATM और 5 ब्लैक कार्ड बरामद

मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एटीएम (ATM) मशीन पर मदद का झांसा देकर सीधे-सादे ग्राहकों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक बड़े अंतर-ज़िला शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
अहियापुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के मास्टरमाइंड सन्नी बाबा उर्फ ऋषव को दबोच लिया है। आरोपी की निशानदेही और कमरे की तलाशी के दौरान विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के 74 एटीएम कार्ड तथा 5 संदिग्ध ब्लैक कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन ब्लैक कार्ड्स का इस्तेमाल मूल कार्ड की डिजिटल क्लोनिंग (Card Cloning) कर फर्जी कार्ड तैयार करने में किया जाता था।
📊 औराई का रहने वाला है शातिर मास्टरमाइंड, 100 से अधिक वारदातों को दे चुका है अंजाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त मूल रूप से जिले के औराई थाना क्षेत्र स्थित बसुआ गांव का निवासी है।
वह अहियापुर क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रह रहा था और वहीं से इस संगठित साइबर अपराध व एटीएम फ्रॉड का नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह में करीब 10 से 15 अन्य शातिर आपराधिक किस्म के युवक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस गिरोह ने मुजफ्फरपुर सहित आसपास के कई जिलों में 100 से अधिक वित्तीय धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दिया है। विभिन्न थानों में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले पूर्व से दर्ज पाए गए हैं।
🚓 नगर SDPO विनीता सिन्हा ने बताया कार्रवाई का पूरा विवरण, किराए के मकान में मारी गई रेड
मामले का विवरण साझा करते हुए नगर एसडीपीओ (SDPO) विनीता सिन्हा ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एटीएम कार्ड बदलकर निर्दोष ग्राहकों से ठगी करने वाला गिरोह अहियापुर क्षेत्र में सक्रिय है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बड़ा जगन्नाथ स्थित इंदिरा नर्सिंग होम के पीछे बने किराए के मकान में दबिश दी, जहाँ से सन्नी बाबा उर्फ ऋषव को रंगे हाथों पकड़ा गया। कमरे की गहन तलाशी में 74 एटीएम कार्ड और 5 ब्लैक कार्ड जब्त किए गए।
⚙️ मशीन में कार्ड फंसाकर और कस्टमर केयर का फर्जी नंबर लिखकर करते थे क्लोनिंग का खेल
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने गिरोह के ठगी करने के पूरे मॉडस ऑपरेंडी (Modus Operandi) का सनसनीखेज खुलासा किया है।
गिरोह के सदस्य पहले से एटीएम केबिन के आसपास घात लगाकर मौजूद रहते थे। जैसे ही कोई ग्राहक राशि निकालने पहुंचता, शातिर मदद करने के बहाने केबिन में प्रवेश कर जाते। आरोपी मशीन में पहले से छेड़छाड़ कर ग्राहक का कार्ड अंदर ही फंसा देते थे और केबिन में बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर के स्थान पर अपना मोबाइल नंबर चिपका देते थे। ग्राहक को झांसा दिया जाता था कि उक्त नंबर पर बात कर कार्ड निकल जाएगा। जैसे ही पीड़ित केबिन से बाहर निकलता, आरोपी मशीन से असली कार्ड निकालकर ब्लैक कार्ड की मदद से उसका क्लोन तैयार कर लेते थे और तुरंत खाते से राशि उड़ा लेते थे।
🔎 15 अन्य सहयोगियों के नाम उजागर, पुलिस टीम कर रही है संभावित ठिकानों पर छापेमारी
गहन पूछताछ के दौरान आरोपी सन्नी बाबा ने अपने गिरोह के लगभग 15 अन्य सक्रिय सदस्यों के नामों का खुलासा किया है।
पुलिस की विशेष टीम सभी चिन्हित आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और सत्यापन में जुट गई है तथा उनकी अविलंब गिरफ्तारी हेतु विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए सभी 74 एटीएम कार्ड्स की बारीकी से फॉरेंसिक व तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इनसे किन-किन खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में एटीएम फ्रॉड नेटवर्क की कमर टूट जाएगी।






