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पंजाब पुलिस में महिलाओं का मुख्यधारा में समावेश: फिल्लौर में प्रशिक्षण का तीसरा चरण शुरू, DGP ने लॉन्च किया रक्षा सत्यापन पोर्टल

जालंधर/चंडीगढ़ (पंजाब): पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने फिल्लौर स्थित 134 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी में ‘पंजाब पुलिस में महिलाओं का मुख्यधारा में समावेश’ परियोजना के तीसरे चरण के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।

पंजाब पुलिस के कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (CAD) द्वारा जे-पाल साउथ एशिया और हार्टेक फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से चलाए जा रहे इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में लैंगिक संवेदनशीलता, अधिकार-आधारित दृष्टिकोण और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग को सुदृढ़ करना है।

📚 तीन चरणों में 1,453 पुलिस अधिकारी ले रहे प्रशिक्षण, ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ मॉडल पर आधारित

दिसंबर 2025 से निरंतर आयोजित किए जा रहे इस प्रशिक्षण अभियान का यह अंतिम चरण है:

  • प्रशिक्षण का प्रारूप: पहले दिन मिश्रित समूह, दूसरे दिन केवल पुरुष अधिकारियों और तीसरे दिन केवल महिला अधिकारियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

  • व्यापक पहुंच: डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि तीनों चरणों के माध्यम से राज्य के 384 पुलिस थानों से जुड़े लगभग 1,500 से 2,000 पुलिसकर्मियों को महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

  • मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका: विशेष डीजीपी (कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन) गुरप्रीत कौर देव ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसके तहत विभिन्न जिलों के 60 पुलिस अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है।

💻 ‘सांझ’ प्लेटफॉर्म पर रक्षा मंत्रालय सत्यापन के लिए नया डिजिटल पोर्टल लॉन्च

इस अवसर पर डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा का शुभारंभ किया:

  • डिजिटल सत्यापन: पंजाब पुलिस के आधिकारिक ‘सांझ’ (Saanjh) पोर्टल पर रक्षा मंत्रालय (MOD) सत्यापन के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल शुरू किया गया है।

  • त्वरित प्रक्रिया: इस पहल से नवनियुक्त रक्षा कर्मियों के पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी, जिससे महीनों लगने वाला काम अब मात्र कुछ ही दिनों में पूरा हो सकेगा।

  • सराहना: रक्षा मंत्रालय के मानव संसाधन निदेशक आरोन पामेई ने इस ऑनलाइन मॉड्यूल को विकसित करने के लिए डीजीपी और पंजाब पुलिस की आईटी टीम का विशेष आभार व्यक्त किया।

⚖️ 33% आरक्षण और फील्ड ड्यूटी: महिलाओं को डेस्क जॉब से आगे परिचालन जिम्मेदारियां देने का आह्वान

डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस व्यवस्था को नागरिक-केंद्रित और समावेशी बनाने पर विशेष बल दिया:

  • सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार: उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि थानों में न्याय की उम्मीद लेकर आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ गरिमा, संवेदनशीलता और सम्मान के साथ पेश आया जाए।

  • महिला सशक्तिकरण: पंजाब सरकार द्वारा पुलिस सहित सभी सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है।

  • सक्रिय जिम्मेदारियां: डीजीपी ने जोर देकर कहा कि महिला पुलिसकर्मियों को केवल डेस्क या कार्यालयी कार्यों तक सीमित न रखकर जांच, खुफिया शाखा (इंटेलीजेंस) और कानून-व्यवस्था जैसी अहम फील्ड जिम्मेदारियों में आगे लाया जाए।

🎬 पूर्व पुलिस अधिकारियों के व्याख्यान और घरेलू हिंसा पर डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन

समारोह के दौरान खेल, कानून और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई सत्र संपन्न हुए:

  • विशेष सत्र: महाराष्ट्र कैडर की पूर्व डीजीपी मीरन चड्ढा बोरवणकर ने ‘पुलिसिंग में महिलाएं : नेतृत्व और समावेश’ तथा पंजाब कैडर के पूर्व डीजीपी आर.सी. सिंह ने ‘लैंगिक संवेदनशील पुलिसिंग : दृष्टिकोण से व्यवहार तक’ विषय पर व्याख्यान दिए।

  • डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन: कार्यक्रम के दौरान जीजीडीएसडी कॉलेज, चंडीगढ़ के जनसंचार विभाग द्वारा घरेलू हिंसा के मुद्दों पर तैयार की गई एक प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

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