ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: 'कमजोर कड़ी' से ग्लोबल ग्रोथ इंजन तक; 2012 से 2026 के बीच कैसे बदली भारत की तस्वी... 9/11 आतंकी हमले के 25 साल पूरे: पीएम नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि Vellore Church Collapse: वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 14 घायल; NDRF... हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर पर्यटकों को बड़ी राहत: देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए शुरू Neem Karoli Baba Film: नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ की बंपर सफलता, स्वामी कैलाशनंद गिरी से मिल... MP Politics News: 'विकास के लिए आस्था से समझौता न हो', उमा भारती ने उज्जैन के 170 साल पुराने हनुमान ... महिला किसानों को बड़ी सौगात: झारखंड में जल्द शुरू होगी 'महिला किसान खुशहाली योजना' Bank Strike News: झारखंड में 30 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप, 11 से 30 सितंबर तक 4 दिन ... साहिबगंज में गंगा ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड: 28.72 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत Sahibganj News: साहिबगंज में अनोखी शादी; पति ने 8 साल पुराना रिश्ता तोड़ खुद कराई पत्नी की उसके प्रे...
देश

जासूसी मामले में बड़ा खुलासा, सैनिकों के आवागमन की जानकारी लेने की कोशिश में था पाक

नई दिल्ली। दिल्ली में पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस आबिद हुसैन ट्रेन से सेना की टुकड़ी के आवागमन के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश में था। इसके लिए उसने फर्जी नाम से रेलवे के एक कर्मचारी से संपर्क भी स्थापित कर लिया था। लेकिन वह कोई अहम जानकारी ले पाता, उससे पहले ही दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

दिल्ली पुलिस ने जासूसी में पाकिस्तान उच्चायोग के दो अधिकारियों आबिद हुसैन और मुहम्मद ताहिर को रविवार को उस वक्त पकड़ा था, जब ये दोनों पैसे के बदले एक व्यक्ति से भारत की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज लेने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि हुसैन कई फर्जी पहचान पत्रों की आड़ में काम करता था। वह सरकारी विभागों में काम करने वाले लोगों को अपनी जाल में फंसाने की कोशिश करता रहता था।

पुलिस के मुताबिक आबिद हुसैन गौतम के नाम से एक मीडियाकर्मी का भाई बनकर रेलवे में काम करने वाले एक कर्मचारी से संपर्क स्थापित कर लिया था। उसने रेलवे के कर्मचारी को बताया था कि उसका भाई भारतीय रेलवे पर एक स्टोरी बना रहा है और उसके लिए ट्रेनों की गतिविधियों के बारे में सूचनाएं चाहिए। उसकी असल मंसा रेलकर्मी को फंसाकर उससे ट्रेन के जरिए सेना के आवागमन और हार्डवेयर की जानकारी लेने की थी।

गिरफ्तारी के बाद दोनों को पर्सोना नॉन ग्राटा (अवांछित) घोषित कर दिया गया था और उन्हें 24 घंटे में देश छोड़ने को कहा था। दोनों जासूस वाघा वार्डर के जरिए सोमवार को पाकिस्तान लौट गए।

वहीं, सरकारी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की तरफ से हुसैन और मुहम्मद ताहिर को यातना नहीं दी गई और इस संबंध में पाकिस्तान का आरोप बेबुनियाद है। पाकिस्तान ने यह भी मानने से इन्कार कर दिया कि उसके दोनों अधिकारी जासूसी कर रहे थे। पाकिस्तान ने सोमवार को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के वरिष्ठ राजनयिक को बुलाकर दोनों को निकालने पर विरोध जताया।

Related Articles

Back to top button