PNB का फर्जी अधिकारी बन KYC अपडेट के नाम पर ₹3.41 लाख की ठगी, मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए पैसे

तलवाड़ा (पंजाब): डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के बढ़ते चलन के बीच साइबर अपराधियों का जाल भी तेजी से पैर पसार रहा है।
शातिर ठग आम नागरिकों को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर लगातार आर्थिक चपत लगा रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला तलवाड़ा से सामने आया है, जहां शातिर साइबर जालसाज ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताकर एक व्यक्ति के खाते में सेंध लगा दी और लाखों रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
📞 फर्जी PNB अधिकारी का कॉल और KYC का झांसा: लिंक भेजकर फोन किया हैक
धोखाधड़ी का तरीका और पीड़ित का बयान:
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केवाईसी अपडेट का बहाना: पीड़ित अमजद (पुत्र मोबिन, हाल निवासी तलवाड़ा) ने साइबर क्राइम सेल को सौंपी आधिकारिक शिकायत में बताया कि उसके मोबाइल पर एक अनजान व्यक्ति का फोन आया था।
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खुद को बताया बैंक कर्मी: कॉल करने वाले ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का अधिकृत अधिकारी बताते हुए कहा कि खाते को चालू रखने के लिए बैंक खाते की ई-केवाईसी (KYC) तुरंत अपडेट करनी होगी।
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मैलिशियस लिंक से फोन हैक: प्रक्रिया पूरी करने का झांसा देकर ठग ने पीड़ित के व्हाट्सएप/एसएमएस पर एक लिंक भेजा। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसका पूरा मोबाइल फोन साइबर ठगों के रिमोट एक्सेस में चला गया और हैक हो गया।
💸 5 ट्रांजेक्शन में ₹3.41 लाख पार: 31 अगस्त को खाते से उड़ाई गई रकम
वित्तीय नुकसान का ब्योरा:
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पांच बार में कटी रकम: फोन हैक होते ही पीड़ित के पंजाब नेशनल बैंक खाते से 31 अगस्त को साइबर अपराधियों ने 5 अलग-अलग अवैध ट्रांजेक्शन किए।
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कुल नुकसान: ठगों ने सिलसिलेवार तरीके से कुल ₹3,41,791.18 (तीन लाख इकतालीस हजार सात सौ इक्यानवे रुपये अठारह पैसे) की राशि अवैध रूप से अन्य खातों में स्थानांतरित कर ली।
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अलर्ट मिलने पर हुआ अहसास: जब तक पीड़ित को फोन के अनियंत्रित होने और बैंक से कटने वाले मैसेज की भनक लगी, तब तक खाते की पूरी रकम साफ हो चुकी थी।
⚖️ साइबर क्राइम सेल होशियारपुर में मुकदमा दर्ज: जांच में जुटी पुलिस
कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान:
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प्राथमिकी दर्ज: पीड़ित अमजद के विस्तृत बयानों और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर साइबर क्राइम सेल होशियारपुर ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत साइबर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
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बैंक खातों की ट्रैकिंग: साइबर पुलिस की तकनीकी शाखा उन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स की जांच कर रही है, जिनमें यह पैसा ट्रांसफर किया गया है।
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अपील और सावधानी: पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक से जुड़े किसी भी ओटीपी (OTP), पासवर्ड या व्यक्तिगत विवरण को किसी भी कॉलर के साथ साझा न करें।





