गोल्डन टूल्स पर कंपनी व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, सामान जब्त होने पर हंगामा

जालंधर (पंजाब): शहर के व्यस्ततम कपूरथला चौक के नजदीक स्थित ‘गोल्डन टूल्स’ नामक प्रतिष्ठान पर देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रतिष्ठित कंपनी के प्रतिनिधियों ने स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर दुकान पर औचक छापेमारी की।
कंपनी के प्रतिनिधियों का आरोप था कि दुकानदार द्वारा उनकी कंपनी के रजिस्टर्ड ब्रांड नेम का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर घटिया व हूबहू दिखने वाला कॉपी (डुप्लीकेट) सामान बेचा जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों ने मामले की औपचारिक सूचना तुरंत संबंधित स्थानीय थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
📦 पुलिस की मौजूदगी में माल जब्त: कार्रवाई के दौरान दुकानदार और पुलिस में तीखी बहस
छापेमारी और जब्ती की प्रक्रिया:
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संदिग्ध माल की जब्ती: कंपनी के प्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी में दुकान के भीतर रखे गए कथित कॉपी और नकली टूल्स को सील कर कब्जे में ले लिया गया।
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दुकानदार से कहासुनी: जब्ती की इस विधिक प्रक्रिया के दौरान दुकान संचालक और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और बहस देखने को मिली।
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: छापेमारी और बहस की पूरी घटना का कंपनी के प्रतिनिधियों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा कर दिया गया और यह तेजी से वायरल हो गया।
📄 ‘मेरे पास हर सामान का वैध बिल’: दुकान मालिक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दुकानदार का पक्ष और सफाई:
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आरोपों का खंडन: वहीं दूसरी ओर, दुकान मालिक ने कंपनी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश करार दिया है।
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दस्तावेजी साक्ष्य का दावा: दुकानदार का कहना है कि वह कोई भी गैर-कानूनी या कॉपी सामान नहीं बेच रहा है। दुकान में मौजूद हर एक उत्पाद के वैध खरीद बिल (इनवॉइस) और जीएसटी कागजात उसके पास उपलब्ध हैं।
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छवि खराब करने का आरोप: दुकानदार ने दावा किया कि उस पर निराधार आरोप लगाकर उसकी व्यावसायिक साख को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
⚖️ पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच: कागजात और माल के सत्यापन के बाद होगी विधिक कार्रवाई
प्रशासनिक रुख और जांच का दायरा:
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आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा: फिलहाल पुलिस अथवा संबंधित कंपनी की ओर से इस जब्ती अभियान और दर्ज की जाने वाली धाराओं को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है।
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बिलों की जांच: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जा रही है। जब्त किए गए सामान के सीरियल नंबर और दुकानदार द्वारा प्रस्तुत बिलों का तकनीकी मिलान कराया जा रहा है, जिसके बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





