सोशल मीडिया पत्रकार गुरदीप मुन्ना पर FIR दर्ज, आदर्श नगर में दबंगई और ब्लैकमेलिंग का आरोप

जालंधर (पंजाब): कथित रूप से विवादों में घिरे रहने वाले सोशल मीडिया पत्रकार (युवा सवेरा) गुरदीप सिंह उर्फ मुन्ना के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस जालंधर के थाना डिवीजन नंबर-2 में एक और आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एफआईआर संख्या 0151, दिनांक 03 सितंबर 2026 के तहत यह कानूनी कार्रवाई की है।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि पत्रकारिता और मीडिया के चोले की आड़ में आम लोगों के साथ धक्का-मुक्की करना, धमकाना, अभद्र भाषा का प्रयोग करना, मारपीट पर उतारू होना, पैसे ऐंठने के लिए ब्लैकमेल करना और सोशल मीडिया पर वीडियो फ्लैश कर बदनाम करने की धमकी देना उसकी नियमित कार्यप्रणाली बन चुकी है।
⚖️ नवीन कुमार की शिकायत पर BNS की संगीन धाराओं में कार्रवाई: थाना डिवीजन-2 में केस दर्ज
शिकायतकर्ता और दर्ज धाराओं का विवरण:
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शिकायतकर्ता का विवरण: यह मुकदमा जालंधर कैंट निवासी नवीन कुमार की औपचारिक लिखित शिकायत पर विधिवत दर्ज किया गया है।
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लागू धाराएं: कमिश्नरेट पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 131(2), 351, 352 और 356(2) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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घटना का संदर्भ: शिकायत के अनुसार, गुरदीप सिंह ने आदर्श नगर स्थित एक गैस एजेंसी के दफ्तर के बाहर सरेआम गुंडागर्दी, दबंगई और हंगामा करते हुए कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई थीं, जिसके साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने यह कदम उठाया है।
📂 हत्या के प्रयास और पॉक्सो जैसे संगीन मामलों का पुराना रिकॉर्ड: अदालतों में ट्रायल जारी
आरोपी का आपराधिक इतिहास:
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आरोपी की पहचान: आरोपी की पहचान गुरदीप सिंह तलवाड़ उर्फ मुन्ना, निवासी मकान नंबर 317, भगत सिंह कॉलोनी, जालंधर के रूप में की गई है।
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पुराने संगीन मामले: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), पॉक्सो (POCSO) एक्ट, गंभीर मारपीट, अवैध उगाही व ब्लैकमेलिंग तथा जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल (SC/ST एक्ट) जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं, जो इस समय सक्षम अदालतों में विचाराधीन हैं।
🏛️ अग्रिम जमानत खारिज, अपील भी लंबित: अन्य थानों में भी दर्ज हैं मुकदमे
न्यायिक स्थिति और अन्य मुकदमों का ब्योरा:
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डिवीजन नंबर-8 का मामला: इससे पूर्व थाना डिवीजन नंबर-8 में दर्ज एफआईआर संख्या 91/2026 में आरोपी की अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) अदालत से खारिज हो चुकी है, जिसके बाद ऊपरी अदालत में दायर की गई अपील फिलहाल विचाराधीन है।
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डिवीजन नंबर-1 में भी केस: इसके अतिरिक्त थाना डिवीजन नंबर-1, जालंधर में दर्ज एफआईआर संख्या 48/2024 का मुकदमा भी अदालत में ट्रायल के दौर में है। कमिश्नरेट पुलिस अब नए मामले में आरोपी के खिलाफ अगली कानूनी कार्रवाई अमल में ला रही है।





