ब्रेकिंग
Dewas Firecracker Factory Blast: देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मौतों का आंकड़ा हुआ 6, आरोपियों पर... Delhi Infrastructure: पीएम गतिशक्ति से मजबूत हुई दिल्ली की कनेक्टिविटी, 'इग्जेम्प्लर' श्रेणी में राज... LU Paper Leak Scandal: 'तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है', ऑडियो वायरल होने के बाद असिस्टेंट प्रोफे... Jaunpur News: सपा सांसद प्रिया सरोज की AI जेनरेटेड आपत्तिजनक फोटो वायरल, बीजेपी नेता समेत 2 पर FIR द... Kashmir Terror Hideout: बांदीपोरा में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' ऑपरेशन में आतं... Delhi News: दिल्ली में सरकारी दफ्तरों का समय बदला, सीएम रेखा गुप्ता ने ईंधन बचाने के लिए लागू किए कड... Maharashtra IPS Transfer: महाराष्ट्र में 96 IPS अफसरों के तबादले, '12th Fail' वाले मनोज शर्मा बने मु... Aurangabad News: औरंगाबाद के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, टीसी देने के बहाने घर बुलाने का आर... Asansol Violence: आसनसोल में लाउडस्पीकर चेकिंग के दौरान बवाल, पुलिस चौकी पर पथराव और तोड़फोड़ Sabarimala Temple: सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खुले, दर्शन के लिए वर्चुअल बुकिंग अनिवार...
देश

सरकार ने पहली बार माना, पूर्वी लद्दाख में बड़ी तादाद में भारतीय सीमा में घुसे हैं चीनी सैनिक

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से यह स्वीकार किया है चीनी सेना भारतीय क्षेत्र में घुस आई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख में करीब एक महीने से जारी सैन्य तनातनी पर कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना बड़ी तादाद में प्रवेश कर गई है। अब भारत ने भी चीनी सेना से मोर्चा लेने के लिए सभी उपाय करने शुरू कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को बताया कि भारतीय और चीनी सैन्य अफसरों के बीच बैठक अब छह जून को होनी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अपनी मौजूदा स्थिति से किसी भी कीमत पर कदम पीछे नहीं लेगा। सरकार किसी भी रूप में देश का मस्तक झुकने नहीं देगी।

अपनी तरफ से जो कुछ भी करना चाहिए, भारत ने भी किया

पूर्वी लद्दाख के संवेदनशील मामले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चीन वहां तक आ गया जिसे वह अपना मानता है, जबकि भारतीय उसे अपना मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘दोनों देशों के बीच इस बात को लेकर मतभेद हुए हैं। और अच्छी खासी संख्या में चीन के लोग भी आ गए हैं। लेकिन अपनी तरफ से जो कुछ भी करना चाहिए, भारत ने भी किया है।’ रक्षा मंत्री का यह बयान इस बात की पहली आधिकारिक पुष्टि है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पार पूर्वी लद्दाख के पर्वतीय क्षेत्र की भारतीय सीमा में बड़ी तादात में चीनी सैनिक घुस आए हैं।

गालवान घाटी और पैंगोंग त्सो झील क्षेत्र में चीनी सेना ने डेरा डाला 

रिपोर्टो के मुताबिक एलएली के इस पार भारतीय क्षेत्र के गालवान घाटी और पैंगोंग त्सो झील क्षेत्र में चीनी सेना ने डेरा डाल लिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकले। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले 2017 में डोकलाम विवाद भी कूटनीतिक और सैन्य बातचीत के जरिये ही सुलझा था। उल्लेखनीय है कि पिछले एक महीने से पूर्वी लद्दाख के पर्वतीय इलाकों में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच तनातनी जारी है। इस विवाद को सुलझाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

भारत और चीनी सेनाओं के बीच पांच मई को शुरू हुआ था विवाद 

भारत और चीनी सेनाओं के बीच तनाव तब बढ़ गया जब पांच मई को 250 चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में घुस आए और उनकी गश्त कर रहे भारतीय सैनिकों से हाथापाई भी हुई। यह तनाव दूसरे दिन भी जारी रहा। जबकि पैंगोंग त्सू झील की घटना उत्तरी सिक्किम में 9 मई को भी हुई। भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा में कई स्थानों को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद है। चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का दक्षिणी हिस्सा बताता है। दोनों देश यह मानते हैं कि उनकी साझा सीमा पर शांति कायम रहे। 

इधर, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी माना है कि भारत-चीन बॉर्डर पर हालात तनावपूर्ण हैं। पोम्पियो ने कहा कि चीनी सेना भारत के बॉर्डर की ओर बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में चीनी सेना भारत के उत्तरी हिस्से की ओर बढ़ी है। वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय बॉर्डर के पास चीनी सेना को देखा जा सकता है।

Related Articles

Back to top button