ब्रेकिंग
ठिठुरी दिल्ली, थमी रफ्तार: रिकॉर्ड तोड़ ठंड के साथ घने कोहरे का डबल अटैक, येलो अलर्ट जारी सरेआम कत्लेआम: पुरानी दुश्मनी में 'डेथ वारंट', घेरकर मार डाला गया दंपत्ति; दहल गया इलाका राजपरिवार और सरकार में फिर ठनी: हाईकोर्ट ने पलटा 14 साल पुराना फैसला, अब नए सिरे से होगी सुनवाई GST चोरी का 'सीतापुर कनेक्शन': 100 करोड़ की चपत लगाने वाले 7 जालसाज सलाखों के पीछे चुनावी आहट और ED की दस्तक: बंगाल में छापेमारी ने बढ़ाया सियासी पारा, आमने-सामने आए ममता और मोदी के सि... दिल्ली में 'दमघोंटू' सर्दी: बारिश के बाद पारा गिरा, कोहरे और प्रदूषण के 'जहरीले' मेल ने बढ़ाई मुसीबत भक्ति की 'रफ्तार': 450 किलोमीटर का सफर और स्केटिंग का जुनून, नन्हीं वंशिका ने पेश की राम भक्ति की मि... नोएडा STF का बड़ा धमाका: 100 करोड़ के 'GST सिंडिकेट' का भंडाफोड़, नोएडा से दबोचे गए 4 मास्टरमाइंड दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सफर होगा महंगा? पार्किंग के नए रेट जारी, जानें अपनी जेब पर कितना पड़ेगा असर कहीं इंदौर न बन जाए ग्रेटर नोएडा! नलों से जहर की सप्लाई, 65 लोग अस्पताल में भर्ती।
देश

गुजरात राज्यसभा उपचुनाव पर कांग्रेस पहुंची कोर्ट, अलग-अलग चुनाव कराने के फैसले को दी चुनौती

नई दिल्ली। गुजरात प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए अलग-अलग चुनाव कराने के चुनाव आयोग के फैसले को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के लोकसभा के लिए चुने जाने से ये दोनों सीटें खाली हुई हैं।

अमरेली से कांग्रेस विधायक और गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष परेशभाई धनानी द्वारा दायर याचिका में चुनाव आयोग को दोनों सीटों पर साथ-साथ चुनाव कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया।

वकील वरुण चोपड़ा के जरिए दायर याचिका मंगलवार को तत्काल सुनवाई के लिए अवकाशकालीन पीठ के सामने रखी जा सकती है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग द्वारा 15 जून को जारी प्रेस नोट में पांच जुलाई को दोनों सीटों पर चुनाव कराने का कार्यक्रम बताया गया था। शाह के गांधीनगर और स्मृति के अमेठी लोकसभा सीटों से चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा सीटें खाली हुई हैं।

धनानी ने आयोग के आदेश को निरस्त करने तथा इसे असंवैधानिक, अवैध और शून्य घोषित करने का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की है कि आयोग को गुजरात सहित सभी राज्यों की रिक्त सीटें भरने के लिए उपचुनाव और चुनाव साथ-साथ कराने का निर्देश दिया जाए।

कांग्रेस को क्या नुकसान?

गुजरात की दोनों सीटों पर अगर एक साथ एक ही बैलट पेपर पर चुनाव हुए तो कांग्रेस को उसपर जीत मिल सकती है। वहीं विधायकों की संख्या के हिसाब से अगर चुनाव अलग-अलग बैलट पर होंगे तो जीत बीजेपी की होगी। संख्या बल के हिसाब से गुजरात में राज्यसभा का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 61 वोट चाहिए। एक ही बैलट पर चुनाव से उम्मीदवार एक ही वोट डाल पाएगा।

इस स्थिति में कांग्रेस एक सीट आसानी से निकाल लेती क्योंकि उसके पास 75 विधायक हैं। हालांकि चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, विधायक अलग-अलग वोट करेंगे। ऐसे में उन्हें दो बार वोट करने का मौका मिलेगा। इस तरह बीजेपी के विधायक जिनकी संख्या 100 से ज्यादा है वे दो बार वोट करके दोनों उम्मीदवारों को जितवा सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button