Mohali Court News: विक्की मिड्डूखेड़ा मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई; मोहाली कोर्ट ने गुगनी के खिलाफ तय किए चार्ज

मोहाली। यूथ अकाली दल के नेता और ‘स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी’ (SOPU) के पूर्व वरिष्ठ सदस्य विक्रमजीत सिंह कुलार उर्फ विक्की मिड्डूखेड़ा की सरेआम गोलियां मारकर की गई हत्या के मामले में मोहाली अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज की अदालत ने खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट (KLF) से संबंधित आरोपी धरमिंदर सिंह गुगनी के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय (Charges Frame) कर दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने जिला अटॉर्नी और एसएसपी कार्यालय को निर्देश जारी किए हैं कि मामले से जुड़े सरकारी गवाहों को 6 अक्टूबर को कोर्ट के समक्ष तलब किया जाए। आरोपी गुगनी इस समय पटियाला जेल में बंद है।
⛓️ तीन मुख्य शूटरों को पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद: 2.5-2.5 लाख रुपये का लगा था जुर्माना
इस बहुचर्चित हत्याकांड में मोहाली अदालत द्वारा मामले के तीनों मुख्य शूटरों—अजय उर्फ लेफ्टी, सज्जन उर्फ भोलू और अनिल को दोषी ठहराया जा चुका है।
अदालत ने तीनों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत उम्रकैद, आर्म्स एक्ट (Arms Act) की धारा 25/54/59 के तहत 7 साल की कैद और धारा 452 के तहत 1 साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा तीनों पर 2.5-2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। वहीं, ठोस साक्ष्यों के अभाव के कारण गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित डागर और भूपिंदर सिंह भूप्पी राणा को बरी कर दिया गया था, क्योंकि पुलिस कोर्ट में यह साबित नहीं कर पाई थी कि विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में इनकी सीधी भूमिका थी।
🔍 लक्की पटियाल और शगनप्रीत सिंह के खिलाफ लंबित है चार्जशीट: विदेश में छिपे और फरार आरोपियों पर शिकंजा
मामले से जुड़ी जांच रिपोर्ट के अनुसार, हत्याकांड से जुड़े कई अहम आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
आर्मेनिया की जेल में बंद बताए जा रहे गैंगस्टर गौरव उर्फ लक्की पटियाल और दिवंगत सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत सिंह सहित कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी न हो पाने के कारण पुलिस द्वारा उनके खिलाफ अदालत में पूरक चार्जशीट (Supplementary Charge Sheet) दाखिल नहीं की जा सकी है। पुलिस प्रशासन फरार आरोपियों के प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी के लिए कानूनी प्रक्रिया में जुटा हुआ है।





