Saharanpur BJP News: सहारनपुर में दलित कार्यकर्ता के घर पहुंचे BJP अध्यक्ष नितिन नबीन; अजब सिंह के संग खाया खाना

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में सहारनपुर पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने दलित समाज के बीच एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश दिया है। मंगलवार दोपहर नितिन नबीन पार्टी के स्थानीय दलित कार्यकर्ता अजब सिंह के आवास पर पहुंचे। उनके साथ यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद थे। दोनों शीर्ष नेताओं ने अजब सिंह के परिजनों के साथ जमीन पर बैठकर अरहर की दाल, रोटी, पुलाव, आलू की सूखी सब्जी, रायता और आइसक्रीम का आनंद लिया। नितिन नबीन करीब 25 मिनट तक अजब सिंह के घर रुके और उनके परिवार का हाल-चाल जाना।
🛕 संत रविदास मंदिर में की पूजा-अर्चना: संगठन में उपेक्षा की शिकायतों पर जताई नाराजगी
दलित कार्यकर्ता के घर भोजन करने से पूर्व नितिन नबीन ने संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया।
इस अवसर पर स्थानीय प्रबुद्धजनों ने उन्हें संत रविदास की प्रतिमा और पवित्र पुस्तक भेंट की। इसके बाद सहारनपुर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सांसदों, विधायकों और जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ सांगठनिक समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान कुछ पदाधिकारियों ने संगठन में उचित मान-सम्मान न मिलने की शिकायत रखी, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए दूरियों को खत्म करने के निर्देश दिए।
🗳️ ‘पूरा ध्यान 2027 के चुनाव पर केंद्रित करें कार्यकर्ता’: पार्टी में किसी की उपेक्षा नहीं होगी
बैठक में जिलाध्यक्षों से चुनावी तैयारियों का फीडबैक लेते हुए नितिन नबीन ने स्पष्ट किया कि इस समय सभी का एकमात्र लक्ष्य 2027 का विधानसभा चुनाव होना चाहिए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा, “पार्टी में किसी भी निष्ठावान कार्यकर्ता की उपेक्षा नहीं होने दी जाएगी। पुनः सरकार बनने पर सभी को उचित सम्मान और जिम्मेदारी मिलेगी।” बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है और 2027 में पुनः प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।
🚀 ‘अब माफियाराज नहीं, एक्सप्रेस-वे और ब्रह्मोस है यूपी की पहचान’: नबीन ने सपा पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के बदलाव का जिक्र करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एक दौर था जब यूपी की पहचान रंगदारी, गुंडों और माफियाओं से हुआ करती थी।
आज का उत्तर प्रदेश एआई (AI), सेमीकंडक्टर, एक्सप्रेस-वे और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास और सुशासन के इस बड़े अंतर को अच्छे से समझ रही है। इसी आधार पर जनता पुनः भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी। गौरतलब है कि 2022 के चुनावों में सहारनपुर की 7 में से 5 सीटों पर भाजपा और 2 सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी।
📊 क्या है सहारनपुर का चुनावी गणित? दलित-मुस्लिम समीकरण साधने की कोशिश
सहारनपुर जिले में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं—बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबंद, रामपुर मनिहारन और गंगोह। इनमें से रामपुर मनिहारन सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।
जनसांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र में करीब 43% मुस्लिम आबादी के साथ-साथ लगभग 22% अनुसूचित जाति की आबादी चुनाव परिणामों में निर्णायक भूमिका निभाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संत रविदास मंदिर में दर्शन और दलित कार्यकर्ता के घर भोजन के जरिए भाजपा अध्यक्ष ने इसी महत्वपूर्ण वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है।





