ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
उत्तराखंड

ISBT Dehradun Accident: बंद कमरे में जनरेटर चलाकर सोए थे कर्मचारी, कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से गई जान

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर (ISBT के पास) स्थित सिंधु सेंटर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला हादसा सामने आया है। यहां ‘ईशान नेटसोल प्राइवेट लिमिटेड’ नामक इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी में काम करने वाले दो इंजीनियरों की बंद कमरे में जहरीला धुआं फैलने और दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 29 वर्षीय रोहित सिंह (निवासी हरिद्वार) और 26 वर्षीय लव कुश (निवासी फैजाबाद, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

⚡ रात 12:30 बजे आया था तकनीकी खराबी का फॉल्ट, जनरेटर चलाकर उसी बंद कमरे में सो गए थे दोनों कर्मचारी

मिली जानकारी के अनुसार, 29 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे कंपनी के इंटरनेट नेटवर्क में खराबी आई थी और इलाके की बिजली भी कटी हुई थी। चंडीगढ़ स्थित हेड ऑफिस से निर्देश मिलने पर दोनों इंजीनियर जनरेटर चालू करने के लिए बेसमेंट या जनरेटर रूम में पहुंचे थे। उन्होंने तेल डालकर जनरेटर स्टार्ट किया। रात करीब 2:30 बजे जब सीनियर इंजीनियर ने फोन किया, तो उन्होंने सब ठीक बताया। इसके बाद जनरेटर और एसी दोनों चालू हालत में छोड़कर वे उसी बंद कमरे में सो गए।

☠️ सुबह अचेत मिले दोनों इंजीनियर, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित; फॉरेंसिक टीम कर रही जांच

बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे जब फोन का कोई जवाब नहीं मिला, तो सहकर्मी गुरमीत को मौके पर भेजा गया। दरवाजा खोलते ही अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड और जहरीला धुआं भरा हुआ था और दोनों जमीन पर अचेत पड़े थे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतक रोहित के परिजनों ने बताया कि वह पिछले 7 साल से कंपनी में नौकरी कर रहा था। पटेलनगर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है।

Related Articles

Back to top button