एलपीयू हिंसा मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: तोड़फोड़ में शामिल 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 एसआईटी गठित

पंजाब के कपूरथला जिले के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में बीते दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए तीनों आरोपी यूनिवर्सिटी परिसर में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और उपद्रव करने में शामिल थे।
मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा कुल 2 विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने एफआईआर नंबर 163, 105 और 106 की पड़ताल के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं, जिनमें से एक एसआईटी यूनिवर्सिटी और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है।
⚖️️ फगवाड़ा कोर्ट में पेशी: पुलिस ने मांगी 3 दिन की रिमांड, डिजिटल सबूत जुटाने में जुटी टीम
अदालती प्रक्रिया और जांच का विवरण:
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कोर्ट में पेशी: पुलिस ने तीनों आरोपियों को फगवाड़ा की स्थानीय अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए 3 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की है।
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सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्य: गठित एसआईटी की एक विंग यूनिवर्सिटी कैंपस, हॉस्टल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हिंसा भड़काने वाले अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा सके।
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अधिकारियों की चुप्पी: दूसरी ओर, सतनामपुरा थाने के जांच अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि तो की, लेकिन मीडिया के सवालों का स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए।
😟 ‘गगन पर पहले कोई केस नहीं’: डिलीवरी बॉय की गिरफ्तारी से परिवार में दहशत और चिंता
आरोपी गगन के परिजनों का पक्ष:
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अचानक लापता होने का दावा: मामले में गिरफ्तार युवक गगन के मामा ने बताया कि गगन कल से अचानक लापता था। उसने आज कोर्ट में पेशी से ठीक पहले फोन कर अपनी गिरफ्तारी की सूचना दी।
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पुलिस पर जानकारी न देने का आरोप: परिजनों का कहना है कि जब वे कोर्ट पहुंचे और पुलिस से गिरफ्तारी की वजह पूछी, तो अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
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डोमिनोज में करता है काम: परिवार के मुताबिक, गगन एक डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है और उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही यह नौकरी शुरू की थी। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी से परिजन बेहद चिंतित हैं।
⚠️ जानें क्या है पूरा मामला: सोशल मीडिया अफवाह से भड़का था छात्रों का आक्रोश
घटना की पृष्ठभूमि और उपद्रव की कड़ियां:
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26 सितंबर की घटना: 26 सितंबर की रात सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि एलपीयू हॉस्टल में एक छात्रा के साथ बाहरी प्लंबर ने दुष्कर्म किया और प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।
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परिसर में भारी तोड़फोड़: इस खबर के फैलते ही हजारों की संख्या में छात्र आक्रोशित होकर सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर, संपत्ति और कैंपस स्थित ‘यूनी मॉल’ की दुकानों में जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की।
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हाईवे पर 18 घंटे चक्का जाम: प्रदर्शनकारी छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को 18 घंटे से अधिक समय तक पूरी तरह जाम रखा, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लगा और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।





