Himachal Horticulture News: मौसम की मार से बागवान परेशान, बाजार में पहुंचे सिर्फ 1.15 करोड़ सेब के बॉक्स

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में इस साल सेब की फसल को प्रकृति की मार से जबरदस्त नुकसान हुआ है। राज्य में अब तक पिछले साल के मुकाबले करीब 48 प्रतिशत कम सेब बाजार में पहुंच पाया है। बागवानी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल सेब का कुल उत्पादन पिछले 10 से 12 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर रहने की आशंका है, जिससे सेब उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।
🌧️ जलवायु परिवर्तन और बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि बनी मुख्य वजह: महज 1.5 करोड़ सेब बॉक्स तक सिमटने का अनुमान
राज्य के बागवानी निदेशक सतीश कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पिछले साल इस अवधि तक करीब 2.18 करोड़ सेब के बॉक्स बाजार में आ चुके थे, जबकि इस साल यह संख्या घटकर मात्र 1.15 करोड़ बॉक्स रह गई है। विभाग का अनुमान है कि पूरे सीजन के दौरान बमुश्किल 1.5 करोड़ बॉक्स ही बाजार तक पहुंच पाएंगे। मौसम में हो रहे लगातार बदलाव, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और समय पर बर्फबारी न होने के कारण फसलों को भारी क्षति उठानी पड़ी है।
💰 5000 करोड़ के कारोबार पर असर, बागवानों को राहत देने के लिए एमआईएस के तहत खरीद कीमत बढ़ाने की तैयारी
हिमाचल प्रदेश में सेब का कारोबार लगभग 5,000 करोड़ रुपये का है और राज्य के करीब 2.5 लाख परिवार सीधे तौर पर इसकी खेती से जुड़े हैं। पुराने बागानों में पैदावार लगातार घट रही है, जिसके चलते विभाग अब आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा दे रहा है। सरकार इस संकट की घड़ी में बागवानों को राहत देने के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत सेब की खरीद कीमत बढ़ाने पर विचार कर रही है, जिसका प्रस्ताव जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाएगा।





