Krishan Bedi Challenge to Congress: मंत्री कृष्ण बेदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा- हिम्मत है तो ईवीएम छोड़ बैलेट पेपर से लड़ें चुनाव

चंडीगढ़: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने ईवीएम (EVM) पर लगातार सवाल खड़े कर रहे कांग्रेस नेतृत्व और उसके ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान पर बेहद करारा राजनीतिक हमला बोला है। हरियाणा न्यूज़ के साथ एक विशेष बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस को सीधी खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के 40 विधायकों और उनके केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व में जरा भी हिम्मत बची है, तो वे तुरंत अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दें और बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखाएं। जनता खुद दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी कि आखिरकार कौन कितने पानी में है।
ईवीएम प्रणाली पर उंगली उठा रही कांग्रेस को घेरते हुए मंत्री बेदी ने सवाल उठाया कि देश में ईवीएम प्रणाली को लेकर आने वाले लोग कौन थे? पहले जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी, तब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से चुनाव कराने का फैसला किसने लिया था। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस अपनी लगातार हो रही करारी हार से इतनी अधिक हताश हो चुकी है कि उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और वह पूरी दुनिया के सामने खुद मजाक का पात्र बन रही है। बेदी ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहाँ दशकों तक सिर्फ बैलेट पेपर से ही चुनाव होते रहे हैं, वहाँ भी कांग्रेस दशकों से सत्ता से कोसों दूर है। आज पूरे देश में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो चुका है और उनके पास न तो कोई ठोस नीति बची है और न ही कोई मजबूत नेतृत्व।
🗳️ आपसी गुटबाजी से हारी कांग्रेस, ईवीएम पर फोड़ रही अपनी हार का ठीकरा
हरियाणा विधानसभा चुनाव के सियासी घटनाक्रमों को याद करते हुए कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी अंदरूनी कलह से पूरी तरह बिखरी हुई थी। पार्टी के बड़े-बड़े क्षत्रप जैसे कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और अन्य वरिष्ठ नेताओं को योजनाबद्ध तरीके से किनारे लगा दिया गया था, और धरातल पर पार्टी का कोई मजबूत संगठन तक मौजूद नहीं था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चलते चुनाव में पार्टी के दिग्गज नेता और उनके परिवार के लोग एक-दूसरे का साथ छोड़ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद को मुख्यमंत्री का इकलौता और सर्वेसर्वा उम्मीदवार मानकर चल रहे थे। जब टिकट बँटवारे और वोट बैंक की लड़ाई में उनकी आपसी खींचतान पूरी तरह बेनकाब हो गई और वे चुनाव हार गए, तो जनता के स्पष्ट जनादेश को खुले दिल से स्वीकार करने के बजाय अब अपनी नाकामियों का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहे हैं।
🏆 Nayab Saini Govt Achievements: नायब सरकार के 2 साल बेमिसाल, धरातल पर उतरे 100 बड़े वादे
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार के दो वर्षों के सफल कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने घोषणापत्र के सभी संकल्पों को पूरी निष्ठा के साथ पूरा किया है:
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एमएसपी और किसानों को भुगतान: प्रदेश में 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने और खरीद के 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।
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महिला सशक्तिकरण: ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ के जरिए राज्य की लाखों गरीब और जरूरतमंद बहनों को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके अलावा 500 रुपये में गैस सिलेंडर और ‘हैप्पी कार्ड’ के माध्यम से हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
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बिना पर्ची-बिना खर्ची रोजगार: सरकार बनने के बाद शपथ लेने से पूर्व ही 25,000 योग्य युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गईं और 1.20 लाख कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा की ठोस गारंटी दी गई।
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स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा: बुढ़ापा सम्मान पेंशन को बढ़ाकर 3200 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है तथा जिला स्तर पर थैलेसीमिया व किडनी के गंभीर रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री बेदी ने अंत में कहा कि सीएम नायब सिंह सैनी 24 घंटे जनता के लिए सुलभ हैं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को शिक्षा, चिकित्सा व सुरक्षा मुहैया कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।





