Ratlam Road Construction Protest: रतलाम में फोरलेन निर्माण की धीमी रफ्तार से भड़के व्यापारी, महापौर को घेरकर किया चक्काजाम

रतलाम: रतलाम शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र चांदनी चौक और लक्कड़पीठा रोड पर हो रहे फोरलेन निर्माण की बेहद धीमी रफ्तार की वजह से बुधवार को व्यापारियों का सब्र आखिरकार टूट गया, जिसके चलते व्यापारियों ने जोरदार चक्काजाम कर दिया और निगम आयुक्त तथा महापौर को घेरकर खरी-खखरी सुनाई. दरअसल, जब इस फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू हुआ था, तब सड़क का चौड़ीकरण न किए जाने को लेकर व्यापारियों ने नगर निगम में प्रदर्शन किया था, जिसके जवाब में महापौर प्रहलाद पटेल ने रतलाम शहर की सड़कों को यूरोप जैसी शानदार बनाने का बड़ा दावा किया था.
🗣️ महापौर बोले— ‘मैं लाचार और नाकारा सिस्टम का शिकार हो गया हूं’, 58 दिनों की मांगी गई मोहलत
लेकिन एक साल पूरा बीत जाने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे तंग आकर महापौर को व्यापारियों के सामने यह स्वीकार करना पड़ा कि वे “लाचार और नाकारा सिस्टम का शिकार हो गए हैं” और वे इसे सुधारने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद महापौर और निगम आयुक्त द्वारा आगामी 58 दिनों के भीतर सड़क निर्माण का कार्य पूरी तरह से पूर्ण कर लिए जाने का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद व्यापारियों ने अपना चक्काजाम समाप्त किया. आपको बता दें कि रतलाम के बाजना बस स्टैंड से लेकर चांदनी चौक चौराहे तक 18 मीटर चौड़ी सिटी फोरलेन सड़क का निर्माण पिछले साल शुरू हुआ था, जिसके लिए अतिक्रमण हटाने और पक्के निर्माण तोड़ने के दौरान भारी विरोध का सामना भी करना पड़ा था, लेकिन एक साल बाद भी काम अधूरा रहने और त्यौहारी सीजन नजदीक होने की वजह से व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा.
🏗️ ईरान युद्ध के कारण डामर की सप्लाई प्रभावित, महापौर बोले— 80 से 90 प्रतिशत काम हो चुका है पूरा
चक्काजाम की सूचना मिलते ही महापौर प्रहलाद पटेल और निगम आयुक्त अनिल भाना मौके पर पहुँचे, जहाँ स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई और कहा कि आप तो यूरोप जैसी सड़क बनाने की बात कर रहे थे, लेकिन पिछले एक साल से पूरा रास्ता उखड़ा हुआ पड़ा है. इस पर सफाई देते हुए रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल ने बताया कि सड़क निर्माण का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और कुछ हद तक ठेकेदारों की लेट-लतीफी के कारण यह स्थिति बनी है. इसके अलावा, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि ईरान युद्ध की वजह से डामर (बिटुमिन) की सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे पूरे देश में डामर की भारी कमी है और इसके दाम काफी बढ़ गए हैं. बहरहाल, 58 दिनों की मोहलत मिलने के बाद फिलहाल स्थिति शांत है.





