Delhi Metro GRAP-1 Update: दिल्ली में प्रदूषण के बीच DMRC का बड़ा कदम, शुक्रवार से रोजाना चलेंगी 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप्स

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए लागू किए गए जीआरएपी-1 (GRAP-I) के नियमों के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है. दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर शुक्रवार से कार्यदिवसों यानी सोमवार से शुक्रवार के दौरान रोजाना 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स (फेरे) चलाई जाएंगी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों का उपयोग कम करने और अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव और उससे होने वाला प्रदूषण कम हो सके. इसके साथ ही, DMRC ने अपने सभी निर्माण स्थलों और उसके आसपास के इलाकों में धूल नियंत्रण तथा विशेष सफाई अभियानों को भी काफी तेज कर दिया है.
💨 एंटी-स्मॉग गन की तैनाती और सड़कों की मरम्मत: प्रदूषण रोकने के लिए DMRC के विशेष इंतजाम
दिल्ली मेट्रो प्रशासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई पुख्ता उपाय किए गए हैं. सोमवार से शुक्रवार के बीच अतिरिक्त फेरे लगाने के साथ-साथ मेट्रो नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों में कड़े कदम उठाए गए हैं. DMRC के निर्माण स्थलों, स्टेशनों और प्रशासनिक भवनों पर 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन (मिस मस्ट गन) तैनात की गई हैं, जो हवा में उड़ने वाले धूल के कणों के स्तर को नियंत्रित करने का काम करेंगी. इसके अलावा, DMRC के अस्थायी अधिकार क्षेत्र में आने वाली लगभग 31 किलोमीटर लंबी सड़कों की विशेष मरम्मत की जा चुकी है, ताकि जर्जर और खराब सड़कों से उड़ने वाली धूल से वायु प्रदूषण को रोका जा सके.
🏗️ निर्माण स्थलों का कड़ाई से निरीक्षण: तिरपाल से ढकना और पहिए धोना हुआ अनिवार्य
प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए DMRC के इंजीनियरों और पर्यावरण विभाग की टीमों द्वारा लगातार औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. सभी निर्माण स्थलों पर निर्माण सामग्री को तिरपाल से पूरी तरह ढकना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके साथ ही, निर्माण स्थलों से बाहर निकलने वाले भारी वाहनों के पहियों को धोने (व्हील वाशिंग) की सुविधा को पूरी तरह सक्रिय और दुरुस्त रखा गया है, ताकि सड़क पर कीचड़ न फैले. मेट्रो परिसरों के आसपास बने फुटपाथों और रोड डिवाइडरों से लगातार कूड़ा-कचरा व मिट्टी हटाने का कार्य भी नियमित रूप से किया जा रहा है.





