Panna Durga Visarjan Tragedy: मध्य प्रदेश के पन्ना में दर्दनाक हादसा, मूर्ति विसर्जन के दौरान बांध में डूबने से दो युवकों की मौत

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. जिले के देवेंद्र नगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक बांध के गहरे पानी में पांच दोस्त डूब गए. इस भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र में खुशी के त्योहारी माहौल को पलभर में गहरे मातम में बदल दिया है. स्थानीय लोगों और प्रशासन की त्वरित मुस्तैदी से तीन युवकों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दो नौजवानों की जान नहीं बचाई जा सके, जिससे उनके परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) और भारी प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर जा पहुँचा.
🌊 विसर्जन के दौरान फिसले पैर, प्रतिमा के नीचे दबने से हुई आयुष और कृष्णा की दर्दनाक मौत
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हादसा विसर्जन के वक्त हुआ जब अचानक पैर फिसलने या गहरे पानी में चले जाने के कारण पाँचों दोस्त डूबने लगे. लोगों ने बताया कि दो युवक पानी के भीतर माँ दुर्गा की भारी-भरकम प्रतिमा के नीचे दब गए थे, जिसके चलते उन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और पानी में दम घुटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवकों की पहचान 18 वर्षीय आयुष अग्रवाल (पुत्र शेष अग्रवाल) और 25 वर्षीय कृष्णा सोनी (पुत्र नारायण दास सोनी) के रूप में की गई है.
🤝 मछुआरों की मदद से तीन दोस्त सुरक्षित बाहर, एसपी निवेदिता नायडू ने संभाला मोर्चा
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और मछुआरों ने भारी तत्परता दिखाई. गोताखोरों की भूमिका निभाते हुए स्थानीय लोगों ने पानी में कूदकर तीन युवकों—साहिल तिवारी, हरिओम द्विवेदी और करण सोनी—को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. प्राथमिक उपचार के बाद इन तीनों युवकों को बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए पन्ना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली, जिन्होंने विसर्जन स्थल पर गोताखोरों की कमी के आरोप लगाए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पन्ना एसपी निवेदिता नायडू और तहसीलदार सुमित तिवारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे और हालात को नियंत्रित किया.





