अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: 15 दिसंबर से मिलेगा ट्रैफिक जाम से छुटकारा

मोहाली: पंजाब में ट्रैफिक जाम से राहत और दूसरे राज्यों तक बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में अहम कदम उठने जा रहा है। अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का पहला पैकेज लगभग तैयार है और इसे 15 दिसंबर 2026 को यातायात के लिए खोलने का निर्धारित कार्यक्रम है। करीब 30 किलोमीटर लंबा यह सिग्नल-फ्री, 6 लेन एक्सप्रेसवे खास तौर पर मोहाली, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पंजाब के यात्रियों को अंबाला की ओर सफर करने में करीब 40 से 50 मिनट तक की बचत होने की उम्मीद है। वाहन चालकों को चंडीगढ़ और मोहाली के भीड़भाड़ वाले रास्तों से गुजरने की जरूरत कम पड़ेगी। इससे जीरकपुर और डेराबस्सी के मौजूदा हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव घटाने में भी मदद मिल सकती है।
मोहाली एयरपोर्ट और IT सिटी तक पहुंच होगी आसान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस एक्सप्रेसवे को अंबाला की ओर से मोहाली के IT सिटी चौक तक विकसित कर रहा है। इसके चालू होने से मोहाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों तक पहुंचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। यह मार्ग आगे IT सिटी-कुराली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिसका दूसरा पैकेज पहले ही ट्रैफिक के लिए खोला जा चुका है।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जाने वालों को भी फायदा इस कॉरिडोर का लाभ केवल चंडीगढ़-मोहाली तक सीमित नहीं रहेगा। पंजाब से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ने के बाद मनाली और जम्मू-श्रीनगर रूट की ओर जाने वाले लोगों के लिए ट्राइसिटी के व्यस्त शहरी हिस्सों से बचकर निकलना आसान हो सकता है।
भारतमाला परियोजना का हिस्सा है कॉरिडोर अंबाला-बनूड़-IT सिटी चौक-खरड़ कॉरिडोर भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इसके दूसरे पैकेज में IT सिटी चौक से कुराली तक करीब 31.2 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे पहले ही चालू हो चुका है। अब पहले पैकेज के शुरू होने से पंजाब और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने तथा लंबी दूरी के यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, 15 दिसंबर 2026 अभी निर्धारित उद्घाटन तिथि है। एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोलना बाकी काम पूरा होने और जरूरी मंजूरियां मिलने पर निर्भर करेगा।





