Jordan Church Attack Retaliation: चर्च पर हुए खूनी हमले के जवाब में जॉर्डन एयरफोर्स की सीरिया में एयरस्ट्राइक, कई आतंकी ढेर

अम्मान: जॉर्डन की तरफ से एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया गया है। बीते शुक्रवार को कराक शहर स्थित एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए खूनी हमले के जवाब में जॉर्डन की वायुसेना ने सीरिया के भीतर कुछ आतंकवादी समूहों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई حملे किए। इस सैन्य कार्रवाई में कई आतंकवादियों के मारे जाने और घायल होने की खबर है, साथ ही उनके कई वाहन भी पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह हमले सीरिया के किस सटीक हिस्से में किए गए और कौन से संगठन इसके निशाने पर थे। इस बीच सीरियाई प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मुठभेड़ के बाद चर्च हमले के तीन आरोपी गिरफ्तार
सोमवार को इससे पहले जॉर्डन के सुरक्षा बलों ने पिछले सप्ताह हुए इस भीषण हमले के सिलसिले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि ये गिरफ्तारियां तड़के की गई एक सुनियोजित मुठभेड़ के बाद हुईं, जिसमें तीनों आरोपी घायल हो गए थे। आपको बता दें कि यह आतंकी हमला शुक्रवार को कराक शहर में एक अंतिम संस्कार के दौरान ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च को निशाना बनाकर किया गया था। राजधानी अम्मान से लगभग 90 किलोमीटर दक्षिण में स्थित कराक में एक बड़ी ईसाई अल्पसंख्यक आबादी निवास करती है, जिस वजह से इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
जॉर्डन में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक और आरोपियों की पहचान
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई और जॉर्डन सरकार ने पीड़ितों की याद में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। हालांकि किसी भी आतंकवादी संगठन ने तुरंत इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी, लेकिन सोमवार को पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टोरेट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरफ्तार किए गए तीनों हमलावरों की पहचान सार्वजनिक कर दी। पकड़े गए आरोपियों में हज्जा ज़ैदान मोहम्मद और मिशाल ज़ैदान मोहम्मद नाम के दो सगे भाई तथा उनका बहनोई अहमद सामी हुसैन शामिल हैं। ये सभी जॉर्डन के ही नागरिक हैं और इन्हें कराक के एक सुनसान घर से भारी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद के साथ पकड़ा गया।
कट्टरपंथी सोच का नतीजा था हमला, राजा अब्दुल्ला ने दिए सख्त निर्देश
सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख मेजर जनरल ओबैदल्लाह अब्द रब्बो अल-मायाता ने इन हमलावरों को सुन्नी उग्रवादी विचारधारा से जुड़ा बताया, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इनका किसी बड़े संगठित नेटवर्क से सीधा संबंध नहीं था और वे केवल अपनी extremist सोच का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। जॉर्डन के आंतरिक मंत्री माज़ेन अल-फ़राया ने इस घटना को आतंकवादी मानसिकता का परिणाम बताया। वहीं, देश के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस्लाम के नाम पर देश की एकता को खंडित करने वालों और इस प्रकार के जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
पीड़ित परिवारों को मिली राहत, लोगों में अब भी बना है खौफ
सुरक्षा बलों द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवारों और स्थानीय नागरिकों को कुछ हद तक मानसिक राहत जरूर मिली है। हमले में अपनों को खोने वाले और इस त्रासदी से सुरक्षित बचे रिश्तेदारों का कहना है कि प्रशासन के इस कदम से उनके जख्मों पर थोड़ा मरहम लगा है, हालांकि इस भयानक हादसे के दर्द को वे आने वाले कई वर्षों तक नहीं भूल पाएंगे। जॉर्डन के नागरिकों का कहना है कि देश की शांति और साप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली ताकतों के खिलाफ सरकार को इसी तरह सख्ती से पेश आते रहना चाहिए।





